हरियाणा में ब्लॉक स्तर पर लागू होगी मानसिक स्वास्थ्य योजना
हरियाणा सरकार जन-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को और मजबूत करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है
डॉ. सुमिता मिश्रा ने किया ऐलान- स्थानीय स्तर पर परामर्श और उपचार की सुविधा
- स्वास्थ्य बजट में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, 10 हजार करोड़ के करीब पहुँचा खर्च
- आईसीयू संचालन और गंभीर रोग प्रबंधन में डॉक्टर-नर्स को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण
- डिजिटल हेल्थ और मातृ-शिशु सेवाओं में हरियाणा ने दर्ज की उल्लेखनीय प्रगति
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार जन-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को और मजबूत करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि राज्य का उद्देश्य ऐसी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है जो नागरिकों के घरों के नजदीक हों आसानी से सुलभ हों और शारीरिक के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य की जरूरतों को भी प्रभावी रूप से पूरा करें।
स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के दौरान डॉ. मिश्रा ने बताया कि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा वितरण में सुधार को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य अवसंरचना परियोजनाओं को समय पर पूरा करना गहन चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार करना और डिजिटल स्वास्थ्य प्रणालियों को सशक्त बनाना सरकार के प्रमुख लक्ष्य हैं।
मानसिक स्वास्थ्य पर बढ़ते दबाव को देखते हुए डॉ. मिश्रा ने कहा कि राज्य में ब्लॉक स्तर पर एक व्यापक मानसिक स्वास्थ्य योजना तैयार कर उसे लागू किया जाएगा। इस योजना के तहत परामर्श पहचान और उपचार की सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराई जाएंगी जिससे आम लोगों को समय पर सहायता मिल सकेगी।
उन्होंने स्वास्थ्य अवसंरचना के साथ मानव संसाधन विकास पर भी जोर दिया। डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के प्रशिक्षण को मजबूत करने, विशेषकर आईसीयू संचालन और गंभीर रोग प्रबंधन में दक्षता बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में बताया गया कि स्वास्थ्य क्षेत्र के बजट में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2014-15 में 2,646 करोड़ रुपये से बढ़कर 2025-26 में यह 9,941.97 करोड़ रुपये हो गया है। वर्तमान में राज्य में 3,672 स्वास्थ्य संस्थान कार्यरत हैं और सैकड़ों नई परियोजनाएं विभिन्न चरणों में हैं। इसके साथ ही डिजिटल स्वास्थ्य टीकाकरण मातृ-शिशु स्वास्थ्य और गुणवत्ता मानकों में भी हरियाणा ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है।