तेज आंधी और बारिश से किसानों की चिंता बढ़ी, मंडियों में गेहूं की बोरियां अटकीं

हरियाणा में तीन रोज की राहत के बाद एक बार फिर मौसम का मिजाज बदला और अचाकन तेज आधी के बीच हल्की बारिश हुई;

Update: 2026-04-18 04:47 GMT

सिरसा, फतेहाबाद और हिसार में कटाई-कढ़ाई पर असर, बिक्री प्रक्रिया धीमी

  • जालंधर मंडियों में 74 लाख क्विंटल गेहूं की आमद, उठान की गति सुस्त
  • सरसों की फसल पर राहत, निजी एजेंसियां एमएसपी से ऊपर कर रही खरीद
  • किसानों का आरोप- ‘सरकार और मौसम दोनों ही दुश्मन बने’

सिरसा। हरियाणा में तीन रोज की राहत के बाद शुक्रवार को एक बार फिर मौसम का मिजाज बदला और अचाकन तेज आधी के बीच हल्की बारिश हुई, जिसके कारण सिरसा,फतेहाबाद और हिसार जिलों में फसल के कटाई,कढ़ाई तथा बिक्री के काम बाधा उत्पन्न हुई।

गौरतलब है कि हरियाणा में सिरसा जिला सर्वाधिक गेहूं उत्पादन वाला जिला है। जिला विपणन प्रवर्तन अधिकारी राहुल कुडुं के अनुसार जिला मुख्यालय के अलावा कस्बा की मंडियों व गावों में स्थापित खरी केंद्रों पर अब तक 74 लाख 27 हजार 889 क्विंटल गेहूं की आवक हुई है जिसमें से 34 लाख 34 हजार 386 क्विंटल गेहूं की खरीद हुर्ई है। गेहूं की खरीददारी तीन एजेंसियां हेफैड,गोदाम तथा जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग कर रही हैं। अब तक चार लाख 32 हजार 996 क्विंटल गेहूं का ही उठान हो पाया है। उठान की गति धीमी होने से मंडियांं गेहूं की बोरियों से पटी पड़ी हैं, जिससे किसानों को मंडियों में फसल लाने में दिक्कत आ रही है। गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2585 रूपए प्रति क्विंटल है।

उन्होंने बताया कि अब तक दो लाख 52 हजार क्विंटल सरसों फसल की मंडियों में आवक हुई है जिसकी बिक्री हो गई है। सरसों की खरीददारी निजी एजेंसियां एमएसपी 6200 रूपए प्रति क्विंटल से बढ़कर 6300 से 6700 रुपए प्रति क्विंटल तक कर रही हैं।

उधर कुम्हारिया, कागदाना, गिगोरानी, नाथूसरी कलां, जोडकिया, खेड़ी, गुसाईं आना सहित कई गांवों में शुक्रवार दोपहर को आए तेज अंधड़ के साथ बारिश से खेतों में गेहूं और तूड़ी को नुकसान हुआ है। किसान रामकुमार, महेंद्र सिंह , जगदीश,दुनी राम कड़वासर इत्यादि किसानों ने बताया कि गेहूं की कटाई का काम तो अधिकांशत: कर लिया है अब कढ़ाई का कार्य चल रहा है। किसानों ने बताया कि इस वक्त सरकार और प्रकृति दोनों ही किसान की दुश्मन बनी हुई है। नाथूसरी चोपटा मंडी के सुपरवाइजर प्रदीप कुमार ने बताया कि अभी बारिश हल्की हुई है जिससे गेहूं के अनाज को अभी तक कोई ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है फिर भी गेहूं को ढकने का कम शुरू कर दिया गया है।

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