गुरुग्राम में पत्नी ने मांगा तलाक, तो एमएनसी में काम करने वाले शख्स ने फंदे से लटककर दी जान
गुरुग्राम के सूरत नगर में एमएनसी कर्मचारी संजीव यादव की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट, सीडीआर और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है।;
गुरुग्राम। गुरुग्राम के सूरत नगर इलाके में एक बहुराष्ट्रीय कंपनी (एमएनसी) में कार्यरत 36 वर्षीय संजीव यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। घटना के समय उनकी पत्नी और सात वर्षीय बेटा घर पर मौजूद थे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है और मामले की जांच विभिन्न पहलुओं से शुरू कर दी है। परिजनों ने मौत को संदिग्ध बताते हुए निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है, जबकि पुलिस का कहना है कि अंतिम निष्कर्ष जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही निकाला जाएगा।
परिजनों ने जताई हत्या की आशंका
मृतक की बहन किरण ने बताया कि संजीव और उनकी पत्नी के बीच कुछ समय से वैवाहिक विवाद चल रहा था। उनके अनुसार, पत्नी ने तलाक की बात कही थी। बहन का आरोप है कि संजीव मानसिक रूप से मजबूत व्यक्ति थे और इसलिए उन्हें घटना की परिस्थितियों पर संदेह है।
उन्होंने यह भी कहा कि परिवार को घटना से जुड़े कुछ पहलुओं पर सवाल हैं और उनकी मांग है कि पुलिस सभी तथ्यों की गहन जांच करे। उन्होंने कहा कि परिवार केवल निष्पक्ष जांच और न्याय चाहता है।
इसी तरह संजीव के पिता रामसेवक यादव ने भी मौत को संदिग्ध बताते हुए मामले की विस्तृत जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि किसी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
लव मैरिज के बाद गुरुग्राम में बस गया था परिवार
जानकारी के अनुसार, संजीव यादव मूल रूप से पंजाब के अमृतसर के रहने वाले थे, जबकि उनकी पत्नी मनप्रीत कौर अंबाला की निवासी हैं। दोनों की मुलाकात गुरुग्राम स्थित एक कंपनी में नौकरी के दौरान हुई थी। दोस्ती के बाद दोनों ने 29 अप्रैल 2018 को विवाह किया और सूरत नगर में रहने लगे।
वर्ष 2019 में बेटे के जन्म के बाद मनप्रीत ने नौकरी छोड़ दी थी, जबकि संजीव निजी कंपनी में कार्यरत रहे। परिवार के अनुसार, पिछले कुछ समय से दोनों के बीच पारिवारिक मतभेद चल रहे थे।
पुलिस बोली- सभी साक्ष्यों की हो रही जांच
जांच अधिकारी महेंद्र सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), डिजिटल साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध सबूतों की जांच की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि मामले में किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा है। जांच पूरी होने और फोरेंसिक व पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी तरह के निष्कर्ष पर न पहुंचें। फिलहाल पुलिस सभी संबंधित पक्षों से पूछताछ कर मामले के तथ्यों को जुटाने में लगी हुई है।