दरक रही स्कूलों में प्राथमिक शिक्षा की बुनियाद
गाजियाबाद ! तमाम कोशिशों और दावों के ढोल पीटने के बावजूद जिले में आखर का उजियारा अव्यवस्था के अंधेरे तले दबता नजर आ रहा है।
गाजियाबाद ! तमाम कोशिशों और दावों के ढोल पीटने के बावजूद जिले में आखर का उजियारा अव्यवस्था के अंधेरे तले दबता नजर आ रहा है। गाजियाबाद समेत एनसीआर में निजी स्कूलों की पैठ जहां गहरा रही है, वहीं सरकारी स्कूलों में प्राथमिक शिक्षा की बुनियाद दरक रही है। कुछ ऐसा ही इशारा कर रही है हाल ही में जारी ग्यारहवीं असर (एन्युअल स्टेटस एजुकेशन रिपोर्ट), जिसमें जनपद समेत एनसीआर की हालत ङ्क्षचताजनक है। रिपोर्ट के मुताबिक, कक्षा आठ तक के तकरीबन 60 फीसद से ज्यादा बच्चे जोड़-घटा, गुणा-भाग में जीरो हैं।
कक्षा चार के 40 फीसद छात्र नहीं पढ़ पाते पहली की किताब
हर साल सरकारी स्कूलों में प्राथमिक शिक्षा का विश्लेषण करने वाली संस्था प्रथम की एन्युअल स्टेटस एजुकेशन रिपोर्ट में यह कड़वी सच्चाई सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, कक्षा तीन व चार के बच्चों से जब कक्षा-1 की पाठ्य सामग्री पढ़वाई गई तो गाजियाबाद जनपद के साढ़े 37 प्रतिशत बच्चे बगले झांकने लगे। इतना ही नहीं तीन व चार कक्षा के 58.70 फीसद बच्चे जोड़-घटा तक नहीं कर सके।
प्रदेश के 70 जिलों में हुए सर्वे में शैक्षिक गुणवत्ता पर सवालिया निशान लग गए। कक्षा चार से कक्षा आठ तक के बच्चों को पठन-पाठन के पैमाने पर परखा गया तो जनपद के तीस फीसद से ज्यादा छात्र कक्षा दो की किताबें नहीं पढ़ सके। गणित के मोर्चे पर भी बच्चे गुल खिलाते दिखे। कक्षा आठ तक के 56.80 प्रतिशत छात्र डिवीजन के मामूली सवालों को हल नहीं कर सके। सरकारी स्कूलों में शैक्षिक स्तर की दयनीय हालत देख अभिभावक भी इनसे कन्नी काट रहे हैं। विकल्प बने निजी स्कूल अपनी नाक ऊंची कर अभिभावकों की पसंद बने हैं। गाजियाबाद की बात करें तो यहां 65 प्रतिशत से ज्यादा बच्चे निजी स्कूलों में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। इन सबके बीच करीब साढ़े चार फीसद बच्चे ऐसे भी हैं जिन्होंने स्कूल की चौखट तक नहीं लांघी। सरकारी स्कूलों में शिक्षा की पतली हालत देख शासन ने भी हाल ही में पत्र भेजकर रिपोर्ट का हवाला देते हुए सभी जनपदों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को गंभीर कदम उठाने की नसीहत दी है।
निजी स्कूलों में पंजीकृत जोड़-घटाव में फेल गुणा-भाग में फेल
गाजियाबाद 65.60 58.70 56.80
गौतमबुद्धनगर 74.10 47.00 55.80
मेरठ 62.50 66.20 60.00
बुलंदशहर 53.10 58.90 55.10
बागपत 54.90 54.20 53.70
नोट: उपरोक्त आंकड़े एन्युअल स्टेटस एजुकेशन रिपोर्ट के मुताबिक प्रतिशत में हैं।