यूपी में छात्रों को लैपटॉप-टैबलेट, शिक्षामित्रों को 18000 मानदेय, योगी कैबिनेट ने 22 प्रस्तावों पर लगाई मुहर
योगी कैबिनेट ने आज सभी 22 प्रस्तावों पर मुहर लगा दी है। शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़कर 18,000 और अनुदेशकों का 17,000 रुपये कर दिया गया है। सरकार 40 लाख छात्रों को टैबलेट और 1.5 लाख को लैपटॉप बांटेगी।
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश के विकास और जनहित से जुड़े सभी 22 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। इस बैठक में सबसे बड़ा फैसला प्रदेश के लाखों शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के चेहरे पर मुस्कान लाने वाला रहा, जिनका मानदेय लगभग दोगुना करने के प्रस्ताव को हरी झंडी मिल गई है। इसके साथ ही युवाओं के लिए 'डिजिटल क्रांति' को विस्तार देते हुए बड़े पैमाने पर लैपटॉप और टैबलेट वितरण का मार्ग भी प्रशस्त हो गया है।
शिक्षामित्रों और अनुदेशकों की बड़ी जीत
लंबे समय से सड़क से सदन तक संघर्ष कर रहे शिक्षामित्रों के लिए आज का दिन ऐतिहासिक रहा। कैबिनेट ने उनके मानदेय को 10,000 रुपये से बढ़ाकर सीधा 18,000 रुपये प्रति माह करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। वहीं, अनुदेशकों का मानदेय भी 9,000 रुपये से बढ़ाकर 17,000 रुपये कर दिया गया है। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के करीब 2 लाख परिवारों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को एक अप्रैल से बढ़ा हुआ मानदेय मिलेगा। मई के वेतन में जुड़कर आएगा।
25 लाख युवाओं को डिजिटल सौगात
'स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना' के तहत सरकार ने अपना अब तक का सबसे बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। वर्ष 2026-27 के लिए 25 लाख छात्र-छात्राओं को टैबलेट और करीब डेढ़ लाख मेधावी छात्र-छात्राओं को लैपटॉप देने के प्रस्ताव पर मुहर लग गई है। इसके लिए बिड की सेवा-शर्तों और खरीद प्रक्रिया को भी अंतिम रूप दे दिया गया है।
विस्थापितों को मिला 'भूमिधर' का हक
कैबिनेट ने एक मानवीय फैसला लेते हुए भारत-पाकिस्तान विभाजन के समय आए विस्थापितों और CAA (नागरिक संशोधन अधिनियम) के तहत पात्र परिवारों को बड़ी राहत दी है। इन परिवारों को अब उनकी काबिज भूमि पर 'भूमिधर' (मालिकाना) अधिकार देने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। इसके साथ ही 'उत्तर प्रदेश रेवेन्यू कोड 2006' की धारा 80 में संशोधन के लिए अध्यादेश 2026 को भी स्वीकृति दी गई है। इससे रामपुर में 2174, पीलीभीत में 4000 , खीरी में 2340 और बिजनौर में 3856 परिवार लाभान्वित होंगे।
परिवहन और बुनियादी ढांचे का विस्तार
पीपीपी मॉडल पर 49 नए बस अड्डों के सम्बंध में लाए गए प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली है। इसके तहत पहले फेज में पीपीपी मॉडल पर 23 बस अड्डों की एलवाई जारी हो गई थी। आज 49 बस अड्डों की स्वीकृति मिली है। कुल मिलाकर 52 जनपदों को इससे आच्छादित किया जा रहा है। यह पीपीपी मॉडल के बस अड्डे हवाई अड्डे की तर्ज़ पर होंगे। सुविधाओं को एयरपोर्ट की तर्ज़ पर दिया जाएगा।
इसके अलावा हाथरस (सिकंद्राराऊ), बुलंदशहर (नरौरा) और बलरामपुर (तुलसीपुर) में नए बस स्टेशनों और डिपो के निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग की जमीन परिवहन निगम को नि:शुल्क हस्तांतरित की जाएगी।पुल निर्माण: कन्नौज में गंगा नदी पर च्यवन ऋषि आश्रम के पास पुल बनेगा। कुशीनगर में नारायणी नदी के भैंसहा घाट पर सेतु निर्माण होगा। परियोजना की कुल लागत 705.18 करोड़ रुपये है। पुल बनने से बिहार और महराजगंज जाने के लिए 40-50 किमी की दूरी कम हो जाएगी ।
निवेशकों के लिए रियायतें
औद्योगिक विभाग विभाग के आठ निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। इसमें छह नए हैं।औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए 'औद्योगिक निवेश नीति 2022' के तहत बड़े निवेशकों को सब्सिडी और प्रोत्साहन राशि देने के प्रस्तावों को भी ओके कर दिया गया है, जिससे प्रदेश में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
डॉक्टर बीआर आंबेडकर मूर्ति विकास योजना
बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर मूर्ति विकास योजना को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है। इसके तहत जहां-जहां बाबा साहेब की मूर्ति है, वहां पर सुंदरीकरण कराया जाएगा। मूर्तियों पर छत्र लगाया जाएगा। आंबेडकर पार्कों की बाउंड्री बनाई जाएगी। इसमें दस लाख तक का प्रस्ताव पास किया जाएगा। इसके अलावा इसी योजना में वाल्मिकी समेत अन्य सामाजिक न्याय के महापुरुषों की मूर्तियों वाले स्थानों पर भी सुंदरीकरण कराया जाएगा। प्रत्येक विधान सभा में 10 स्मारकों का विकास कराया जाएगा (कुल 403 विधानसभाओं में 4030 स्मारक)। इसके लिए प्रति स्मारक लागत 10 लाख रुपये निर्धारित है, यानी कुल 403 करोड़ रुपये का व्यय संभावित है।
ग्रेटर नोएडा में निजी विश्वविद्यालय (मेट्रो विश्वविद्यालय)
उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 के अंतर्गत 'मेट्रो विश्वविद्यालय' की स्थापना को मंजूरी मिली है। ग्रेटर नोएडा में निजी क्षेत्र के अंतर्गत मेट्रो विश्वविद्यालय की स्थापना के अध्यादेश को मंजूरी दी गई है।