ट्विशा शर्मा मौत मामले में CBI का बड़ा एक्शन.. लंबी पूछताछ और 3D विजुअल मैपिंग के बाद सेवानिवृत्त जिला जज गिरिबाला सिंह गिरफ्तार

मध्य प्रदेश के बहुचर्चित और हाई-प्रोफाइल ट्विशा शर्मा मौत मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक ऐतिहासिक और बेहद कड़ा कदम उठाया है।;

Update: 2026-05-28 12:08 GMT

जबलपुर/भोपाल। मध्य प्रदेश के बहुचर्चित और हाई-प्रोफाइल ट्विशा शर्मा मौत मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक ऐतिहासिक और बेहद कड़ा कदम उठाया है। मामले में मुख्य संदेही और सेवानिवृत्त जिला जज गिरिबाला सिंह को सीबीआई ने औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया है।

जांच एजेंसी द्वारा यह बड़ी कार्रवाई कई घंटों की मैराथन पूछताछ, घटना स्थल की हाई-टेक जांच और पुख्ता वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के बाद की गई है। इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद से प्रदेश के न्यायिक और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।

3D विजुअल मैपिंग और हाई-टेक गैजेट्स से कसा शिकंजा

सीबीआई की विशेष टीम ने इस मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए आधुनिक फॉरेंसिक तकनीकों का सहारा लिया।

क्राइम सीन री-क्रिएशन

सीबीआई की टीम विशेष 3D लेजर स्कैनर और अत्याधुनिक विजुअल कैमरों के साथ घटना स्थल पर पहुंची थी। कमरे और आस-पास के पूरे ढांचे की 3D विजुअल मैपिंग की गई ताकि घटना के समय की परिस्थितियों का सटीक और वैज्ञानिक आकलन किया जा सके।

बयानों में विरोधाभास

इस मैपिंग के बाद जब सेवानिवृत्त जज गिरिबाला सिंह से आमने-सामने बिठाकर तीखे सवाल किए गए, तो उनके बयानों और मौके से मिले वैज्ञानिक साक्ष्यों में भारी अंतर पाया गया। घंटों चली इस पूछताछ में सहयोग न करने और संतोषजनक जवाब न मिलने के बाद सीबीआई ने उन्हें हिरासत में लिया और फिर गिरफ्तार कर लिया।


पोस्टमार्टम रिपोर्ट और हाईकोर्ट का रुख बना आधार

शुरुआती दौर में इस पूरे मामले को एक 'आत्महत्या' का रूप देने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन तकनीकी और मेडिकल जांच ने पूरी कहानी को पलट कर रख दिया।

चोट के 7 निशान: पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ट्विशा शर्मा के शरीर पर सात गंभीर बाहरी चोटों के निशान पाए गए थे। इन निशानों ने यह साफ कर दिया था कि मौत से पहले पीड़िता के साथ गंभीर मारपीट या संघर्ष हुआ था।

इन चोटों के खुलासे के बाद ही मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाया था। हाल ही में हाईकोर्ट के सख्त आदेशों पर टिप्पणी करते हुए राज्य के एडवोकेट जनरल (महाधिवक्ता) प्रशांत सिंह ने भी स्पष्ट किया था कि कानून के सामने कोई भी रसूखदार क्यों न हो, वह बच नहीं सकता और जांच पूरी निष्पक्षता से आगे बढ़ेगी।


आगे क्या? कोर्ट में पेशी और रिमांड की तैयारी

सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, गिरिबाला सिंह पर सबूतों से छेड़छाड़ करने और जांच को गुमराह करने के भी गंभीर आरोप हैं। मेडिकल और कोर्ट पेशी: गिरफ्तारी के बाद नियमानुसार गिरिबाला सिंह का मेडिकल टेस्ट कराया जा रहा है, जिसके बाद उन्हें विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया जाएगा।सीबीआई रिमांड की मांग: केंद्रीय जांच एजेंसी कोर्ट से पूर्व जज की अधिकतम दिनों की पुलिस रिमांड मांगेगी ताकि इस मौत के पीछे की असली साजिश, हत्या की वजह और इसमें शामिल अन्य संभावित किरदारों का पर्दाफाश किया जा सके। ट्विशा शर्मा के परिजनों और न्याय की उम्मीद लगाए आम लोगों के लिए सीबीआई का यह कदम एक बड़ी नजीर माना जा रहा है।

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