मैं नेहरू का फैन, पर हर बात से सहमत नहीं; शशि थरूर ने पूर्व पीएम पर क्या कहा
एक बुक फेस्टिवल में शशि थरूर ने नेहरू की विरासत को लेकर भाजपा के रवैये पर चर्चा की। उन्होंने कहा, 'मैं जवाहरलाल नेहरू का फैन हूं, लेकिन ऐसा नहीं कि आलोचना नहीं कर सकूं। मैं उनके दिमाग और सोच की बहुत तारीफ करता हूं।,
नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद शशि थरूर का कहना है कि वह पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की हर नीति से सहमत नहीं है, लेकिन हर बात के लिए उन्हें दोष दिया जाना गलत है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी नेहरू विरोधी है और किसी भी मुद्दे पर उन्हें जिम्मेदार ठहरा दिया जाता है। कांग्रेस ने चीन के साथ 1962 के युद्ध का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हार का कारण नेहरू के कुछ फैसले हो सकते हैं।
एक बुक फेस्टिवल में थरूर ने नेहरू की विरासत को लेकर भाजपा के रवैये पर चर्चा की। उन्होंने कहा, 'मैं जवाहरलाल नेहरू का फैन हूं, लेकिन ऐसा नहीं कि आलोचना नहीं कर सकूं। मैं उनके दिमाग और सोच की बहुत तारीफ करता हूं। मेरे मन में उनके लिए बहुत सम्मान है। हालांकि, मैं उनकी सभी बातों और नीतियों का 100 फीसदी समर्थन नहीं करता हूं। उन्होंने ऐसी कई चीजें की हैं, जो तारीफ के काबिल हैं।'
उन्होंने कहा कि सबसे जरूरी यह है कि नेहरू ही थे, जिन्होंने भारत में लोकतंत्र स्थापित किया। मैं ये नहीं कहूंगा कि वो (मोदी सरकार) लोकतंत्र के विरोधी हैं, लेकिन वो नेहरू विरोधी जरूर हैं। नेहरू को आसान बली का बकरा बना दिया गया है।
उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में उनका (मोदी सरकार की) आलोचना का आधार हो सकता है। उदाहरण के लिए, 1962 में चीन के खिलाफ हार का कुछ श्रेय नेहरू के कुछ फैसलों को दिया जा सकता है।
पार्टी लाइन पर दी थी सफाई
थरूर ने सोमवार को कहा कि वह कभी भी पार्टी लाइन से अलग नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा कि मेरा सवाल यह है कि किसने कहा कि मैंने पार्टी की विचारधारा का उल्लंघन किया है? मैंने विभिन्न विषयों पर अपनी राय व्यक्त की है, लेकिन अधिकतर मामलों में पार्टी और मैं एक ही रुख पर कायम रहे हैं। थरूर ने कहा कि उन्होंने संसद में मंत्रियों के सामने जो सवाल उठाए थे, उनकी एक स्पष्ट दिशा थी और पार्टी को उनसे परेशान नहीं होना चाहिए।