बंगाल चुनाव से पहले तबादलों पर घमासान, ममता बनर्जी बोलीं अघोषित राष्ट्रपति शासन लागू
ममता बनर्जी ने विशेष रूप से इस बात पर चिंता जताई कि इस समय बंगाल में आंधी-तूफान और प्राकृतिक आपदाओं का मौसम शुरू होने वाला है। ऐसे समय में प्रशासनिक ढांचे में बड़े पैमाने पर बदलाव कानून-व्यवस्था और आपदा प्रबंधन दोनों के लिए जोखिम पैदा कर सकता है।
कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव से ठीक पहले बड़े पैमाने पर अधिकारियों के तबादले को लेकर चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग की कार्रवाई राज्य में “बिना घोषणा का राष्ट्रपति शासन” लागू करने जैसी है और इससे प्रशासनिक व्यवस्था कमजोर हो रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव से पहले एक साथ बड़ी संख्या में वरिष्ठ नौकरशाहों और पुलिस अधिकारियों का तबादला किया जाना सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह राज्य सरकार की निर्णय लेने की क्षमता को सीमित करने की कोशिश है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक ढांचे के लिए खतरनाक बताते हुए कहा कि इस तरह की कार्रवाई से सरकार के पास संकट की स्थिति में तुरंत निर्णय लेने वाले अधिकारी ही नहीं बचेंगे।
ममता बनर्जी ने विशेष रूप से इस बात पर चिंता जताई कि इस समय बंगाल में आंधी-तूफान और प्राकृतिक आपदाओं का मौसम शुरू होने वाला है। ऐसे समय में प्रशासनिक ढांचे में बड़े पैमाने पर बदलाव कानून-व्यवस्था और आपदा प्रबंधन दोनों के लिए जोखिम पैदा कर सकता है। उन्होंने कहा कि अगर किसी आपात स्थिति में राज्य को तुरंत कार्रवाई करनी पड़ी तो अधिकारियों की कमी से हालात बिगड़ सकते हैं।
'यह कदम प्रशासनिक नहीं राजनीतिक है'
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग का यह कदम केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि राजनीतिक है. तृणमूल कांग्रेस प्रमुख का कहना है कि राज्य के प्रमुख अधिकारियों को हटाकर शासन को अस्थिर करने की कोशिश की जा रही है, ताकि चुनाव के दौरान सरकार कमजोर दिखाई दे। उनके अनुसार यह संस्थाओं के “सुनियोजित राजनीतिकरण” का उदाहरण है और इससे संविधान की भावना को ठेस पहुंचती है।
चुनाव में निष्पक्षता के लिए अधिकारियों के तबादले
वहीं, दूसरी ओर चुनाव आयोग ने अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा है कि चुनाव के दौरान निष्पक्षता बनाए रखने के लिए अधिकारियों का स्थानांतरण एक नियमित प्रक्रिया है। आयोग का कहना है कि जिन अधिकारियों को हटाया गया है, उनके स्थान पर नए अधिकारियों की नियुक्ति की गई है ताकि चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से कराया जा सके।
बंगाल चुनाव में लोगों के लिए CM ममता के 10 वादे
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख ममता बनर्जी ने शुक्रवार को कोलकाता में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी का घोषणा पत्र जारी किया।
1. लक्ष्मी भंडार योजना में बढ़ोतरी
सामान्य महिलाओं को ₹1500 प्रति माह (पहले ₹1000)
SC/ST महिलाओं को ₹1700 प्रति माह (पहले ₹1200)
2. युवाओं के लिए आर्थिक सहायता
बेरोजगार युवाओं को ₹1500 प्रति माह (₹18,000 सालाना)
3. कृषि बजट में वृद्धि
₹30,000 करोड़ का कृषि बजट
किसानों और भूमिहीनों को आर्थिक सहायता
4. हर परिवार को पक्का घर
सभी के लिए आवास सुनिश्चित करने का लक्ष्य
5. हर घर में नल से जल
सभी घरों तक पीने का साफ पानी पहुंचाना
6. स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
हर ब्लॉक/टाउन में साल में दो बार मुफ्त स्वास्थ्य कैंप
घर-घर स्वास्थ्य सेवा
7. शिक्षा व्यवस्था में सुधार
सरकारी स्कूलों का आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर
शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाना
8. बंगाल को व्यापारिक हब बनाना
लॉजिस्टिक्स, पोर्ट और व्यापार ढांचे का विकास
ग्लोबल ट्रेड सेंटर स्थापित करना
9. वरिष्ठ नागरिकों के लिए पेंशन सुरक्षासभी पात्र बुजुर्गों को पेंशन का विस्तार
10. नए जिले और प्रशासनिक सुधार
7 नए जिले बनाना
शहरी निकायों का विस्तार और प्रशासनिक पुनर्गठन