भारत को अमेरिका से बड़ी राहत, 4 भारतीय कंपनियां प्रतिबंध सूची से बाहर; व्यापार समझौते के बीच अहम फैसला

अमेरिका ने SDN प्रतिबंध सूची से चार भारतीय कंपनियों के नाम हटा दिए हैं। यह फैसला भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की तैयारियों के बीच आया है और रूस से जुड़े प्रतिबंधों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।;

Update: 2026-07-01 07:21 GMT

नई दिल्ली।भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिए जाने की तैयारियों के बीच वॉशिंगटन ने भारतीय कंपनियों को बड़ी राहत दी है। अमेरिका के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) ने अपनी स्पेशली डेजिग्नेटेड नेशनल्स (SDN) प्रतिबंध सूची में संशोधन करते हुए चार भारतीय कंपनियों के नाम हटा दिए हैं। इन कंपनियों पर पहले रूस से जुड़े कारोबारी संबंधों के कारण प्रतिबंध लगाए गए थे।

माना जा रहा है कि यह फैसला ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में बातचीत अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। हाल ही में भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भी कहा था कि प्रस्तावित व्यापार समझौते पर अधिकांश काम पूरा हो चुका है और केवल अंतिम चरण की औपचारिकताएं बाकी हैं।

इन कंपनियों को मिली राहत

अमेरिका ने जिन भारतीय कंपनियों को SDN सूची से हटाया है, उनमें आरआरजी इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड, लोकेश मशीन लिमिटेड, गैलेक्सी बियरिंग्स लिमिटेड (अहमदाबाद) और शौर्य एयरोनॉटिक्स प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। इन कंपनियों को पहले एग्जीक्यूटिव ऑर्डर 14024 के तहत प्रतिबंधित किया गया था।

साल 2024 में OFAC ने रूस से जुड़े कारोबारी लेन-देन के आरोप में 19 भारतीय कंपनियों और दो व्यक्तियों पर प्रतिबंध लगाए थे। उस समय भारत सरकार ने कहा था कि वह इस मुद्दे पर अमेरिका के साथ लगातार संपर्क में है और राजनयिक स्तर पर बातचीत जारी है।

क्या होती है SDN सूची?

SDN (Specially Designated Nationals) सूची अमेरिकी वित्त मंत्रालय के अधीन कार्यरत OFAC द्वारा जारी की जाती है। इसमें उन कंपनियों, संगठनों और व्यक्तियों के नाम शामिल किए जाते हैं जिन पर अमेरिका प्रतिबंध लगाता है। इस सूची में शामिल संस्थाओं के साथ अमेरिकी नागरिकों और कंपनियों को कारोबार करने की अनुमति नहीं होती। समय-समय पर इस सूची की समीक्षा कर नाम जोड़े या हटाए जाते हैं।

नई सूची में 9 कंपनियां भी शामिल

OFAC ने ताजा अपडेट में चार भारतीय कंपनियों को राहत देने के साथ ही नौ नई कंपनियों को प्रतिबंध सूची में जोड़ा है। इनमें अधिकांश कंपनियां मैक्सिको की बताई जा रही हैं। इससे संकेत मिलता है कि अमेरिका अपनी प्रतिबंध नीति की लगातार समीक्षा करता रहता है।

रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद बढ़ी थी सख्ती

रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद अमेरिका और उसके सहयोगी देशों ने रूस पर कई आर्थिक प्रतिबंध लगाए थे। इसी क्रम में उन विदेशी कंपनियों पर भी कार्रवाई की गई, जिन पर प्रतिबंधों को दरकिनार कर रूस के साथ कारोबार करने का आरोप था। हाल के वर्षों में अमेरिका ने भारत से रूस से तेल खरीद और व्यापारिक संबंधों को लेकर भी चिंता जताई थी। हालांकि दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने के प्रयास लगातार जारी हैं।

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