अमेरिका-ईरान शांति समझौते से कच्चा तेल 4% टूटा, पेट्रोल-डीजल के दाम घटने की बढ़ी उम्मीद

अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की घोषणा के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 4 फीसदी से अधिक गिरावट आई है। जानिए इसका भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर क्या असर पड़ सकता है।;

Update: 2026-06-15 02:40 GMT

नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी सैन्य तनाव खत्म होने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। दोनों देशों ने करीब 107 दिनों तक चले संघर्ष के बाद शांति समझौते पर सहमति जता दी है। इस घोषणा का असर तुरंत वैश्विक तेल बाजार पर देखने को मिला, जहां कच्चे तेल की कीमतों में 4 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद भारत समेत कई तेल आयातक देशों में ईंधन की कीमतों को लेकर नई उम्मीदें पैदा हो गई हैं।

शांति समझौते की खबर से तेल बाजार में बड़ी गिरावट

सोमवार को एशियाई कारोबार के दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड का भाव 4.39 प्रतिशत फिसलकर 81.15 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं ब्रेंट क्रूड का दाम भी लगभग 4 प्रतिशत टूटकर 84 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया।

विशेषज्ञों का मानना है कि युद्ध समाप्त होने और तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंका खत्म होने से निवेशकों ने राहत की सांस ली है। इसी कारण बाजार में बिकवाली बढ़ी और कीमतों में नरमी आई।

पाकिस्तान और ट्रंप ने की समझौते की पुष्टि

पाकिस्तान ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई रोकने और शांति स्थापित करने के लिए एक समझौते पर पहुंच गए हैं। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस समझौते की पुष्टि की।

ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ समझौता पूरा हो चुका है और यह पश्चिम एशिया में स्थिरता लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में शामिल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से पूरी तरह खोल दिया जाएगा, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति सामान्य हो सकेगी।

भारत में फिलहाल नहीं बदले पेट्रोल-डीजल के दाम

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी गिरावट के बावजूद भारत में सोमवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया। सरकारी तेल कंपनियों ने मौजूदा दरें बरकरार रखी हैं।

देश के प्रमुख महानगरों में पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर बने हुए हैं। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई समेत सभी बड़े शहरों में उपभोक्ताओं को फिलहाल पुराने रेट पर ही ईंधन मिल रहा है।

क्या सस्ता होगा पेट्रोल और डीजल?

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भारत के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें लगातार नीचे बनी रहती हैं तो आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में राहत मिलने की संभावना बढ़ सकती है।

हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू ईंधन कीमतों में बदलाव कई कारकों पर निर्भर करता है, जिनमें अंतरराष्ट्रीय क्रूड ऑयल की कीमत, रुपये की स्थिति, टैक्स और तेल कंपनियों की लागत शामिल हैं।

केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने भी हाल ही में कहा था कि पेट्रोल-डीजल के दामों में भविष्य का कोई भी फैसला वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की चाल पर निर्भर करेगा।

गौरतलब है कि पिछले महीने अमेरिका-ईरान तनाव के कारण कच्चे तेल में तेजी आई थी, जिसके चलते भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कई बार बढ़ोतरी देखी गई। अब बाजार की नजर इस बात पर है कि तेल कीमतों में आई ताजा गिरावट का फायदा आम उपभोक्ताओं तक कब पहुंचता है।

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