उदयनिधि स्टालिन को मद्रास हाईकोर्ट से राहत, पूछताछ के बाद थाने से मिली रिहाई; जांच में सहयोग करने के निर्देश

मद्रास हाईकोर्ट के निर्देश पर द्रमुक नेता उदयनिधि स्टालिन को गिरफ्तारी के चार घंटे बाद स्टेशन बेल पर रिहा कर दिया गया। विवादित टिप्पणी मामले में जांच जारी रहेगी।;

Update: 2026-08-04 10:24 GMT
चेन्नई। तमिलनाडु के विपक्ष के नेता और द्रमुक (DMK) विधायक उदयनिधि स्टालिन को उनकी गिरफ्तारी के कुछ ही घंटों बाद मद्रास हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिल गई। अदालत के निर्देश के बाद तमिलनाडु पुलिस ने पूछताछ पूरी होने पर उन्हें थाने से ही रिहा कर दिया। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि उदयनिधि को थाने से बेल (Station Bail) दी जाए और भविष्य में जब भी जांच एजेंसियां बुलाएं, वे जांच में पूरा सहयोग करें।

उदयनिधि स्टालिन की गिरफ्तारी एक विवादित बयान को लेकर दर्ज मामले में हुई थी। इस घटनाक्रम के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई और कई स्थानों पर द्रमुक कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन भी किया।

हाईकोर्ट ने पुलिस को दिए स्पष्ट निर्देश

सुनवाई के दौरान तमिलनाडु सरकार की ओर से एडवोकेट जनरल विजय नारायण ने मद्रास हाईकोर्ट को बताया कि पुलिस का उदयनिधि स्टालिन को न्यायिक हिरासत या रिमांड पर भेजने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने अदालत को आश्वस्त किया कि पूछताछ पूरी होने के बाद उन्हें रिहा कर दिया जाएगा।

इस पर हाईकोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया कि पूछताछ के बाद उदयनिधि को स्टेशन बेल पर छोड़ दिया जाए। अदालत ने यह भी कहा कि जांच के दौरान यदि पुलिस उन्हें बुलाती है तो वे जांच प्रक्रिया में पूरा सहयोग करेंगे।

किस मामले में हुई थी गिरफ्तारी?

उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ यह मामला कावेरी जल विवाद को लेकर आयोजित एक राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान दिए गए कथित विवादित बयान से जुड़ा है। आरोप है कि सभा के दौरान भीड़ में अभिनेत्री तृषा कृष्णन का नाम लिए जाने के बाद उन्होंने एक कथित द्विअर्थी और आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिस पर विवाद खड़ा हो गया।

इस बयान के वायरल होने के बाद विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों ने इसकी आलोचना की और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत में महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने और आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप लगाए गए हैं।

टीवीके और महिला आयोग में भी पहुंचा मामला

मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) ने भी इस मामले में सख्त रुख अपनाया है। पार्टी ने राष्ट्रीय महिला आयोग में शिकायत दर्ज कर उदयनिधि के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि विवादित बयान का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर प्रसारित किया गया, जिससे महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंची और सामाजिक माहौल प्रभावित हुआ। शिकायत में संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो की भी जांच की मांग की गई है।

जांच जारी, आगे की कार्रवाई पर नजर

फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। उदयनिधि स्टालिन की रिहाई से उन्हें तत्काल राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला अभी समाप्त नहीं हुआ है। यदि जांच के दौरान जरूरत पड़ी तो उन्हें दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।

राजनीतिक रूप से भी यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और आने वाले दिनों में इस पर कानूनी व राजनीतिक घटनाक्रम तेज होने की संभावना है।

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