पूछताछ के बाद बेल पर रिहा हुए उदयनिधि स्टालिन, डीएमके कार्यकर्ताओं ने किया जोरदार स्वागत
तमिलनाडु विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन को मंगलवार को पुलिस पूछताछ के बाद स्टेशन बेल पर रिहा कर दिया गया;
मद्रास हाईकोर्ट के आदेश पर मिली राहत
- पुलिस हिरासत के खिलाफ डीएमके का विरोध प्रदर्शन
- एम.के. स्टालिन ने पुलिस कार्रवाई को बताया राजनीति से प्रेरित
चेन्नई। तमिलनाडु विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन को मंगलवार को पुलिस पूछताछ के बाद स्टेशन बेल पर रिहा कर दिया गया। उन्हें उनके खिलाफ दर्ज एक मामले में हिरासत में लिया गया था। उनकी रिहाई मद्रास हाईकोर्ट के उस निर्देश के बाद हुई, जिसमें पुलिस को मंगलवार को ही पूछताछ पूरी कर उन्हें छोड़ने का आदेश दिया गया था।
उदयनिधि स्टालिन से तंजावुर जिले के सेंगिपट्टी पुलिस स्टेशन में करीब डेढ़ घंटे तक पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान जिला पुलिस अधीक्षक सुंदरवथनम भी मौजूद रहे। पूछताछ शुरू होने तक उदयनिधि करीब आठ घंटे पुलिस हिरासत में रह चुके थे।
शुरुआत में पुलिस उन्हें पूछताछ के लिए तंजावुर साउथ पुलिस स्टेशन ले जाने वाली थी, लेकिन वहां बड़ी संख्या में डीएमके कार्यकर्ताओं के जुटने के कारण पूछताछ का स्थान बदलकर सेंगिपट्टी पुलिस स्टेशन कर दिया गया।
बताया गया कि उदयनिधि ने पहले सेंगिपट्टी में पूछताछ का विरोध किया और पुलिस वाहन से उतरने से इनकार कर दिया। हालांकि, पुलिस अधिकारियों के साथ लंबी बातचीत के बाद वह थाने के अंदर गए और जांच में सहयोग किया।
रिहाई के बाद उदयनिधि स्टालिन का डीएमके कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। वह एक खुले वाहन में सवार होकर समर्थकों का अभिवादन करते नजर आए और हाथ हिलाकर उनका धन्यवाद किया।
इससे पहले हिरासत में लिए जाने से पूर्व उदयनिधि स्टालिन के वकील ने मद्रास हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि उदयनिधि को न्यायिक हिरासत में भेजने का कोई इरादा नहीं है और पूछताछ के बाद उन्हें स्टेशन बेल दे दी जाएगी।
सरकार के इस आश्वासन को रिकॉर्ड पर लेते हुए मद्रास हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि पूछताछ मंगलवार को ही पूरी कर ली जाए और इसे अगले दिन तक न खींचा जाए। साथ ही पूछताछ के बाद उदयनिधि स्टालिन को रिहा करने का आदेश दिया।
इस बीच डीएमके अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ टीवीके सरकार अपनी विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए नेता प्रतिपक्ष को निशाना बना रही है। उनका यह भी आरोप था कि सरकार उदयनिधि स्टालिन को बुधवार से शुरू हो रहे विधानसभा के बजट सत्र में शामिल होने से रोकना चाहती थी।
उदयनिधि स्टालिन की हिरासत के बाद राज्य के कई हिस्सों में डीएमके कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। चेन्नई से तंजावुर ले जाए जाने के दौरान विभिन्न पुलिस थानों और अन्य स्थानों पर बड़ी संख्या में समर्थक जुटे रहे।