LPG सिलिंडर की आपूर्ति पर केंद्र सख्त: जमाखोरी रोकने के लिए ESMA लागू, इस सेक्टर को मिलेगी प्राथमिकता
LPG Gas Crisis: सरकार ने घरेलू एलपीजी की उपलब्धता बढ़ाने के लिए कदम उठाते हुए रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। यह कदम पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के कारण संभावित आपूर्ति व्यवधानों से निपटने और घरेलू रसोई गैस संकट रोकने के लिए उठाया गया है।
सूत्रों के अनुसार, ईएसएमए लागू होने के बाद प्राथमिक सेक्टर्स को एलपीजी और अन्य ईंधन की सप्लाई में विशेष प्रायोरिटी दी जाएगी। इसका मतलब है कि अस्पताल, स्कूल, सरकारी संस्थान और अन्य महत्वपूर्ण सेक्टरों को गैस की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। सरकार ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में एलपीजी सिलिंडर की जमाखोरी और कालाबाजारी की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई थी। ऐसे में ईएसएमए का लागू होना संकट से निपटने और आम जनता को राहत देने का बड़ा कदम है।
ESMA क्या है?
आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम (एस्मा) एक कानून है, जिसे जीवन-निर्वाह से जुड़ी महत्वपूर्ण सेवाओं की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है। इसके तहत सार्वजनिक परिवहन, स्वास्थ्य सेवाएं, और अन्य आवश्यक सेवाओं को प्रभावित होने से रोकने के उपाय किए जाते हैं, ताकि आम जनता पर असर न पड़े।
रिफाइनरियों को LPG उत्पादन बढ़ाने के निर्देश
सरकार ने घरेलू रसोई गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए ‘एस्मा’ कानून के तहत तेल रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इस कदम का उद्देश्य पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के कारण संभावित आपूर्ति बाधाओं से निपटना है। वित्त वर्ष 2024-25 में भारत की एलपीजी खपत 3.13 करोड़ टन रही, जिसमें से केवल 1.28 करोड़ टन का उत्पादन घरेलू स्तर पर किया गया था और शेष की मात्रा आयात पर निर्भर थी।
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत का 85-90 प्रतिशत LPG आयात सऊदी अरब और अन्य देशों से करता है, जो अपने मार्ग के लिए महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य पर निर्भर हैं। ईरान और अमेरिका-इस्राइल के बीच पिछले 11 दिनों से जारी संघर्ष के कारण यह जलमार्ग बंद हो गया है, जिससे गैस और तेल संकट की आशंका बढ़ गई है।
घरेलू गैस सिलेंडरों की बुकिंग पर रहेगा 25 दिन वाला नियम
यही नहीं गैस सिलेंडरों की बुकिंग के लिए सरकार ने 25 दिन की तय सीमा भी लागू कर दी है। इसके तहत यदि आपने एक सिलेंडर ले लिया है तो अगले की बुकिंग 25 दिन के बाद ही कर पाएंगे। कुछ अरसे से ऐसी सीमा खत्म हो गई थी, लेकिन इसे लागू कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि कुछ लोग जमाखोरी ना करने लगें। यदि लोगों को ऐसा करने दिया गया तो कालाबाजारी बढ़ सकती है।
इसके अलावा अफवाह फैलने के चलते लोग परेशान हो सकते हैं। गौरतलब है कि ईरान में जारी जंग के चलते सप्लाई की कमी देखी जा रही है। हालांकि अमेरिका का कहना है कि अब ईरान में जंग आखिरी चरण में है। ऐसी स्थिति में माना जा रहा है कि जल्दी ही सप्लाई चेन पहले वाली स्थिति में आ सकती है।