चुनाव आयोग का हर काम भारत के संविधान और पारदर्शी तरीके से होता है: ज्ञानेश कुमार
भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) ने बुधवार को मीडिया और कम्युनिकेशन अधिकारियों के लिए एक दिन का सम्मेलन आयोजित किया।;
नई दिल्ली। भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) ने बुधवार को मीडिया और कम्युनिकेशन अधिकारियों के लिए एक दिन का सम्मेलन आयोजित किया। चुनाव से जुड़े कम्युनिकेशन को मजबूत करने और डिजिटल दौर में गलत जानकारी की बढ़ती चुनौती से निपटने के लिए 10 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 200 अधिकारियों को एक साथ लाया गया।
इस कॉन्फ्रेंस में मीडिया नोडल अधिकारी, सोशल मीडिया नोडल अधिकारी, जिला मीडिया नोडल अधिकारी, जिला जनसंपर्क अधिकारी और राज्य जनसंपर्क विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त डॉ. विवेक जोशी ने प्रतिभागियों को संबोधित किया। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया के दौरान पारदर्शी, सटीक और समय पर संचार के महत्व पर जोर दिया।
ज्ञानेश कुमार ने कहा कि चुनाव आयोग का हर काम भारत के संविधान, चुनावी कानूनों और समय-समय पर जारी लिखित निर्देशों के आधार पर और पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाता है।
उन्होंने प्रतिभागियों को सोशल मीडिया पर गलत बातें या नैरेटिव फैलने के प्रति आगाह किया।
सीईसी ने उनसे गलत जानकारी को रोकने के लिए सक्रिय रूप से काम करने का भी आग्रह किया।
चुनाव प्रणाली में जनता के भरोसे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हालिया विधानसभा चुनावों में रिकॉर्ड मतदान यह दिखाता है कि भारतीय मतदाता देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं पर कितना भरोसा करते हैं।
इसी तरह, डॉ. विवेक जोशी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डीपफेक, सिंथेटिक मीडिया और अन्य भ्रामक डिजिटल कंटेंट से बढ़ते खतरों के बारे में बात की, जिनका मकसद "लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता के भरोसे को कम करना है।
उन्होंने भाग लेने वाले अधिकारियों से आग्रह किया कि वे आयोग के नियमों, निर्देशों और तय संचार दिशानिर्देशों का पालन करते हुए ऐसी गलत जानकारी का प्रभावी ढंग से मुकाबला करें।
आयोग की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, कॉन्फ्रेंस में चुनाव के पूरे चक्र-वोटर लिस्ट मैनेजमेंट से लेकर वोटिंग तक को कवर करने वाली संचार रणनीतियों पर विस्तृत सत्र आयोजित किए गए। प्रतिभागियों को मुख्य संवैधानिक प्रावधानों और चुनाव के दौरान मीडिया से जुड़े कानूनी पहलुओं के बारे में भी जानकारी दी गई।
इसके अलावा, प्रैक्टिकल ट्रेनिंग सत्र भी आयोजित किए गए। अधिकारियों को प्रभावी प्रेस नोट तैयार करने और पारंपरिक व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए आधिकारिक संचार को बढ़ाने के बारे में जानकारी दी गई। उन्हें गलत जानकारी और भ्रामक नैरेटिव से निपटने के लिए भी एक सत्र दिया गया। उन्हें इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब के जरिए युवा मतदाताओं से जुड़ने और ईसीआई की पहलों को जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने की ट्रेनिंग भी दी गई।
वोटर लिस्ट तैयार करने, वोटिंग प्रक्रियाओं और वोटों की गिनती की प्रक्रिया का डेमो भी दिखाया गया। अधिकारियों ने प्रदर्शनी और मीडिया कॉर्नर का गाइडेड दौरा भी किया।