वेनेजुएला पर सैन्य कार्रवाई को लेकर ट्रंप को बड़ा राजनीतिक झटका, अमेरिकी सीनेट में युद्ध अधिकार प्रस्ताव पर बहस की मंजूरी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को वेनेजुएला मुद्दे पर एक बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। अमेरिकी सीनेट ने गुरुवार को एक ऐसे ‘युद्ध अधिकार प्रस्ताव’ (War Powers Resolution) पर बहस शुरू करने की मंजूरी दे दी, जिसका मकसद वेनेजुएला में ट्रंप प्रशासन द्वारा सैन्य बल के इस्तेमाल को सीमित करना है।

Update: 2026-01-09 00:11 GMT

वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को वेनेजुएला मुद्दे पर एक बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। अमेरिकी सीनेट ने गुरुवार को एक ऐसे ‘युद्ध अधिकार प्रस्ताव’ (War Powers Resolution) पर बहस शुरू करने की मंजूरी दे दी, जिसका मकसद वेनेजुएला में ट्रंप प्रशासन द्वारा सैन्य बल के इस्तेमाल को सीमित करना है। इस प्रस्ताव के पक्ष में ट्रंप की अपनी रिपब्लिकन पार्टी के पांच सांसदों ने विपक्षी डेमोक्रेट्स का साथ दिया, जिसे व्हाइट हाउस के लिए एक दुर्लभ और अहम द्विदलीय झटका माना जा रहा है।

यह प्रस्ताव 52 के मुकाबले 47 मतों से आगे बढ़ा। यदि यह पारित हो जाता है, तो राष्ट्रपति ट्रंप को वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य अभियानों को जारी रखने के लिए कांग्रेस की औपचारिक मंजूरी लेनी होगी। हालांकि, मौजूदा राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए इसके कानून बनने की संभावना कम मानी जा रही है, लेकिन इसे राष्ट्रपति की युद्ध शक्तियों पर कांग्रेस की संवैधानिक भूमिका को दोबारा मजबूत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

बिना कांग्रेस से अनुमति के सैन्य कार्रवाई

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब महज एक सप्ताह पहले ही राष्ट्रपति ट्रंप ने कांग्रेस से परामर्श किए बिना वेनेजुएला में एक बड़े सैन्य अभियान का आदेश दिया था। इस कार्रवाई का लक्ष्य वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को सत्ता से हटाना बताया गया।

अमेरिकी सैन्य अभियान में डेल्टा फोर्स, 150 से अधिक सैन्य विमान, ड्रोन और लड़ाकू जेट शामिल थे। इस हमले में 80 से ज्यादा लोगों की मौत होने की खबर है, जबकि कुछ अमेरिकी सैनिकों के भी घायल होने की पुष्टि हुई है। ट्रंप प्रशासन ने इस ऑपरेशन को “सीमित और आवश्यक कार्रवाई” बताया, लेकिन विपक्ष ने इसे सीधा युद्ध करार दिया।

डेमोक्रेट्स का आरोप: यह साफ तौर पर युद्ध है

डेमोक्रेट सांसदों का कहना है कि किसी दूसरे देश की राजधानी पर बमबारी करना और वहां के राष्ट्रपति को हटाने की कोशिश करना स्पष्ट रूप से युद्ध की कार्रवाई है। उनका तर्क है कि अमेरिकी संविधान के तहत ऐसे किसी भी कदम के लिए कांग्रेस की अनुमति अनिवार्य है। डेमोक्रेट नेताओं ने चेतावनी दी कि इस तरह की सैन्य कार्रवाई अमेरिका को एक और अंतहीन युद्ध में धकेल सकती है। साथ ही, इससे चीन और रूस जैसे वैश्विक प्रतिद्वंद्वियों के साथ तनाव और बढ़ सकता है, जिससे अमेरिका की अंतरराष्ट्रीय स्थिति और जटिल हो जाएगी।

रिपब्लिकन पार्टी में बढ़ती दरार

इस प्रस्ताव को समर्थन देने वाले रिपब्लिकन सांसदों में रैंड पाल, सुसन कोलिन्स, टॉड यंग और जोश हाली जैसे नाम शामिल हैं। खास बात यह है कि इनमें से कुछ सांसद पहले ऐसे प्रयासों का विरोध करते रहे हैं। उनका कहना है कि राष्ट्रपति को युद्ध जैसे फैसलों में असीमित अधिकार देना खतरनाक हो सकता है। रिपब्लिकन सीनेटर रैंड पाल ने कहा कि अगर अमेरिका युद्ध में उतरता है, तो यह फैसला अकेले राष्ट्रपति नहीं कर सकता। इसके लिए कांग्रेस की सहमति जरूरी है।

ट्रंप का तीखा पलटवार

सीनेट में अपनी ही पार्टी के सांसदों की बगावत से नाराज राष्ट्रपति ट्रंप ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर इन सांसदों को फटकार लगाते हुए कहा कि “सुसन कोलिंस, लिसा मुरकोवस्की, रैंड पाल, जो हाली और टॉड यंग को दोबारा कभी सांसद नहीं बनना चाहिए।” ट्रंप समर्थक रिपब्लिकन नेताओं ने प्रस्ताव को राष्ट्रपति के अधिकारों पर सीधा हमला बताया। सीनेट की विदेश संबंध समिति के अध्यक्ष जिम रिश ने कहा कि वेनेजुएला में की गई कार्रवाई एक सीमित सैन्य ऑपरेशन थी और इसमें कांग्रेस को दखल देने की जरूरत नहीं है।

ट्रंप के लिए क्यों अहम है यह झटका?

राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, यह वोट राष्ट्रपति ट्रंप के लिए इसलिए अहम है क्योंकि इससे उनकी अपनी पार्टी के भीतर बढ़ती असहजता और मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। कई रिपब्लिकन सांसदों को आशंका है कि वेनेजुएला में सैन्य दखल धीरे-धीरे एक लंबे और महंगे युद्ध में बदल सकता है। यह चिंता इसलिए भी गंभीर है क्योंकि ट्रंप ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान बार-बार अमेरिका को “अंतहीन युद्धों” से बाहर निकालने का वादा किया था। अब उनकी कार्रवाई उसी वादे के उलट नजर आ रही है।

कांग्रेस को नजरअंदाज करना आसान नहीं

विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही यह युद्ध अधिकार प्रस्ताव कानून न बन पाए, लेकिन इसका राजनीतिक असर गहरा होगा। इससे ट्रंप प्रशासन पर दबाव बढ़ेगा और भविष्य में सैन्य कार्रवाई से पहले कांग्रेस को पूरी तरह नजरअंदाज करना आसान नहीं रहेगा। रिपब्लिकन पार्टी के भीतर उभरती फूट, डेमोक्रेट्स का कड़ा विरोध और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती चिंताओं के बीच वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप को लेकर अनिश्चितता और गहराती दिख रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा अमेरिकी राजनीति में और तीखी बहस का कारण बन सकता है।

Tags:    

Similar News