ग्रीन टेक्नोलॉजी पर बांग्लादेश का फोकस, यही दुनिया का भविष्य : हाफिजुर रहमान

रनर ग्रुप ऑफ कंपनीज के चेयरमैन हाफिजुर रहमान खान ने शनिवार को कहा कि भविष्य के बाजार में धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक वाहनों और हरित प्रौद्योगिकी (ग्रीन टेक्नोलॉजी) जैसे डीएमआई तकनीक, पीएचईवी वाहनों की ओर रुझान बढ़ेगा

Update: 2026-03-07 03:05 GMT

ढाका। रनर ग्रुप ऑफ कंपनीज के चेयरमैन हाफिजुर रहमान खान ने शनिवार को आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि भविष्य के बाजार में धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक वाहनों और हरित प्रौद्योगिकी (ग्रीन टेक्नोलॉजी) जैसे डीएमआई तकनीक, पीएचईवी वाहनों की ओर रुझान बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि यही भविष्य है। इसलिए ग्राहक भी अगली पीढ़ी के लिए कार्बन उत्सर्जन के पर्यावरण के प्रति जागरूक होने लगे हैं।

हाफिजुर रहमान खान इसकी कीमत को लेकर कहा कि कीमत कई बातों पर निर्भर करती है। इसलिए हमारे पास अलग-अलग तरह के मॉडल हैं और उनकी कीमत भी अलग-अलग है। यह ग्राहक की पसंद पर निर्भर करता है। कुछ ग्राहक कम कीमत नहीं चाहते। उन्होंने बताया कि हम दोपहिया और तिपहिया वाहनों का निर्माण करते हैं, साथ ही वाणिज्यिक वाहनों और बीवाईडी कारों की असेंबली भी करते हैं। इसलिए हम हर क्षेत्र में धीरे-धीरे नई तकनीक की ओर बढ़ रहे हैं। हम हर सेक्टर में काम कर रहे हैं।

बता दें कि भारत तेजी से इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) और ग्रीन टेक्नोलॉजी की ओर बढ़ रहा है। मार्च 2026 तक यह क्रांति और मजबूत हो चुकी है। 2030 तक सरकार का लक्ष्य है कुल नए वाहनों की 30 प्रतिशत बिक्री इलेक्ट्रिक करने का है और प्रगति अच्छी दिख रही है। केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एचडी कुमार स्वामी ने 25 फरवरी को कहा था कि स्पष्ट नीतिगत दिशा-निर्देश और उद्योग की मजबूत भागीदारी के साथ, भारत इलेक्ट्रिक मोबिलिटी मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन के लिए एक अग्रणी वैश्विक केंद्र के रूप में अपनी मजबूत स्थिति स्थापित कर सकता है।

दुनिया इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की इसलिए भाग रही है क्योंकि यह एक बड़ा बदलाव है। जो पर्यावरण, अर्थव्यवस्था, तकनीक और नीतियों से जुड़ा हुआ है। मार्च 2026 तक वैश्विक स्तर पर ईवी अपनाने में उछाल आया है, लेकिन कुछ जगहों (जैसे अमेरिका) में थोड़ी मंदी भी दिख रही है।

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