टीसीएस मामले में आरोपी निदा खान फरार नहीं, प्रेग्नेंट है, जानें- कहां है, वकील ने किया खुलासा
टीसीएस धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न मामले में आरोपी निदा खान को लेकर नया खुलासा हुआ है। उनके वकील के अनुसार वह फरार नहीं हैं, बल्कि मुंबई में परिवार के साथ रह रही हैं और प्रेग्नेंट है। निदा ने अग्रिम जमानत के लिए अदालत में अर्जी दी है। मामले में पहले से नौ एफआईआर दर्ज हैं और पुलिस जांच जारी है, जिसमें यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण के आरोपों की पड़ताल हो रही है।;
नासिक के टीसीएस बीपीओ ऑफिस के अंदर धर्म परिवर्तन और यौन उत्पीड़न के मामले को लेकर कुल नौ एफआईआर दर्ज की गई हैं। इन एफआईआर में पहली रिपोर्ट से ही निदा खान का नाम आरोपी के रूप में शामिल है। आरोपों के मुताबिक, वह उन लोगों के साथ थीं, जिन पर हिंदू महिला और पुरुष कर्मचारियों को निशाना बनाने के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस के अनुसार, इन मामलों में यौन उत्पीड़न, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और जबरन धर्मांतरण के प्रयास जैसे आरोप शामिल हैं।
आरोपों में क्या कहा गयाएफआईआर में दर्ज शिकायतों के अनुसार, कुछ कर्मचारियों पर यह आरोप है कि उन्होंने ऑफिस में अन्य कर्मचारियों पर मानसिक दबाव बनाया। कुछ शिकायतों में यह भी कहा गया है कि कर्मचारियों को धार्मिक तौर-तरीकों को अपनाने के लिए कहा गया। इसमें नमाज पढ़ने, खान-पान से जुड़ी आदतों में बदलाव और अन्य धार्मिक प्रथाओं को अपनाने का जिक्र किया गया है। हालांकि, इन आरोपों की जांच अभी जारी है और पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने कथित तौर पर एक समूह बनाकर काम किया। पुलिस के अनुसार, इन लोगों ने कुछ कर्मचारियों को निशाना बनाया और उनके साथ अलग-अलग तरह का व्यवहार किया। यह भी कहा गया है कि एक व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए कर्मचारियों को चिन्हित किया जाता था और उनके बारे में चर्चा की जाती थी। हालांकि, पुलिस का कहना है कि इन सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है और सबूतों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अब तक कितनी गिरफ्तारियां
इस मामले में अब तक पुलिस सात कर्मचारियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें छह पुरुष और एक महिला ऑपरेशंस मैनेजर शामिल हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, इन सभी पर महिला कर्मचारियों के साथ यौन उत्पीड़न, धार्मिक दबाव और अन्य आरोप लगाए गए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
निदा खान को लेकर स्थिति
निदा खान को लेकर पहले यह कहा जा रहा था कि वह फरार हैं और पुलिस उन्हें तलाश रही है। अब उनके वकील ने कहा है कि वह मुंबई में हैं और अपने परिवार के साथ रह रही हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि निदा खान गर्भवती हैं। वकील के अनुसार, निदा खान ने कानूनी प्रक्रिया के तहत अग्रिम जमानत की अर्जी दी है और वह जांच में सहयोग करने के लिए तैयार हैं।
पुलिस की जांच जारी
महाराष्ट्र पुलिस की एसआईटी इस पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि सभी शिकायतों की जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि क्या आरोपियों के बीच कोई आपसी समन्वय था और क्या उन्होंने मिलकर कोई गतिविधि की।
टीसीएस नासिक मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा
टीसीएस नासिक ने जबरन धर्मांतरण का केस अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। याचिका में नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के दफ्तर में महिला कर्मचारियों के साथ हुए कथित सेक्सुअल हरासमेंट और धर्मांतरण की शिकायत की गई है और इसे जबरन धर्मांतरण की भयावह समस्या से जोड़ा गया है।
याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया है कि वह जबरन या धोखे से किए जा रहे धर्मांतरण को गंभीर राष्ट्रीय समस्या के तौर पर देखे। याचिकाकर्ता के अनुसार इस तरह का काम 'आतंकवादी कृत्य' और 'भारत के खिलाफ (अप्रत्यक्ष) युद्ध' की श्रेणी में आता है।
टीसीएस नासिक का केस क्या है
- टीसीएस नासिक की कई महिला कर्मचारियों ने अपने पुरुष सहकर्मियों (मुसलमान) के द्वारा एचआर (मुस्लिम) की मदद से लगातार सेक्सुअल हरासमेंट और मुस्लिम धार्मिक गतिविधि में शामिल होने का दबाव डालने का आरोप लगाया है।
- जब पुलिस तक यह बात पहुंची, तब उसने कुछ महिला पुलिसकर्मियों को अंडरकवर ऑपरेशन में तैनात किया।
- महिला कर्मचारियों की शिकायतों और जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर कई एफआईआर दर्ज की गई।
- मार्च से अप्रैल के बीच कम से कम 9 शिकायतें दर्ज की गईं।
- इस मामले में टीसीएस के टीम लीडरों समेत कई कर्मचारियों और सीनियर एचआर अधिकारी को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।
- शिकायत करने वाली ज्यादातर महिला कर्मचारी युवा हैं और उन्होंने कुछ ही समय पहले करियर शुरू किया है।
- जांच में ऐसी भी बातें सामने आ रही हैं कि इन कर्मचारियों को एक सोच-समझी साजिश के तहत ही नौकरी दी गई।