सीजेपी प्रदर्शन के बीच 16 मेट्रो स्टेशन बंद, सुप्रीम कोर्ट पहुंचा असर; सीजेआई बोले- दोपहर तक समाधान नहीं हुआ तो करेंगे हस्तक्षेप

दिल्ली में 16 मेट्रो स्टेशन बंद होने से सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही प्रभावित हुई। CJI सूर्यकांत ने कहा कि यदि दोपहर तक स्थिति सामान्य नहीं हुई तो वह स्वयं हस्तक्षेप करेंगे। SCBA ने वकीलों की आवाजाही की विशेष अनुमति की मांग की।;

Update: 2026-07-23 06:52 GMT
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में सुरक्षा कारणों से गुरुवार सुबह 16 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों को अस्थायी रूप से बंद किए जाने का असर सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही पर भी देखने को मिला। कई वकील समय पर अदालत नहीं पहुंच सके, जिस पर भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि वकीलों की अनुपस्थिति को देखते हुए अदालत आज कोई ऐसा प्रतिकूल आदेश पारित नहीं करेगी जिससे किसी पक्ष को नुकसान हो।

मुख्य न्यायाधीश ने यह भी कहा कि यदि दोपहर तक स्थिति सामान्य नहीं होती है, तो वह स्वयं इस मामले में हस्तक्षेप करने पर विचार करेंगे।

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने उठाई मांग

मेट्रो सेवाएं प्रभावित होने के बाद सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) ने अदालत का रुख किया। एसोसिएशन ने अनुरोध किया कि वकीलों, मुकदमों से जुड़े पक्षकारों और न्यायालय के कर्मचारियों को सीमित आवाजाही की विशेष अनुमति दी जाए, ताकि अदालत की कार्यवाही बाधित न हो।

CJI ने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया का सुचारु संचालन सुनिश्चित करना आवश्यक है और यदि परिवहन संबंधी बाधाएं लंबे समय तक बनी रहती हैं तो अदालत इस मुद्दे पर उचित कदम उठाएगी।

क्यों बंद किए गए 16 मेट्रो स्टेशन?

दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कई प्रमुख मेट्रो स्टेशनों को अगले आदेश तक बंद किया गया है। इनमें लोक कल्याण मार्ग, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंभा रोड, सुप्रीम कोर्ट, जनपथ, मंडी हाउस, सेंट्रल सचिवालय, आईटीओ, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग और शिवाजी स्टेडियम सहित कुल 16 स्टेशन शामिल हैं।

हालांकि, यात्रियों की सुविधा को देखते हुए राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सचिवालय पर इंटरचेंज सेवा जारी रखी गई है, ताकि अन्य मेट्रो लाइनों के बीच आवागमन प्रभावित न हो।

सुरक्षा व्यवस्था के चलते लिया गया फैसला

प्रशासन के अनुसार, यह कदम जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान बढ़ती भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। राजधानी के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती भी की गई है।

उधर, दिल्ली हाईकोर्ट ने 20 जुलाई को हुए ‘संसद चलो मार्च’ की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से कराने की मांग वाली एक याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति दी है। इस मामले में अदालत आगामी सुनवाई के दौरान याचिका में उठाए गए मुद्दों पर विचार करेगी।

फिलहाल राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है और प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। न्यायालयों में भी यह उम्मीद जताई जा रही है कि परिवहन व्यवस्था जल्द सामान्य होगी, ताकि न्यायिक कार्य प्रभावित न हों।

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