सोनम वांगचुक से अनशन खत्म करने की शशि थरूर ने की अपील, बोले- आपकी आवाज संसद में उठाएंगे
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सोनम वांगचुक से आमरण अनशन समाप्त करने की भावुक अपील की। नीट परीक्षा विवाद और शिक्षा सुधार के मुद्दे को संसद में उठाने का भरोसा भी दिया।;
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर पर NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर जारी आंदोलन के बीच कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने पर्यावरणविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से आमरण अनशन समाप्त करने की भावुक अपील की है। थरूर ने एक खुला पत्र जारी करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में ऐसे गंभीर मुद्दों का समाधान संसद और संवाद के माध्यम से होना चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि छात्रों की चिंताओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को संसद में मजबूती से उठाया जाएगा।
सोनम वांगचुक पिछले कई दिनों से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। आंदोलनकारी NEET परीक्षा में कथित धांधली की निष्पक्ष जांच, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं। इसी बीच उनकी लगातार बिगड़ती तबीयत को लेकर चिंता भी बढ़ती जा रही है।
थरूर ने साझा किया अपना निजी अनुभव
शशि थरूर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा किए गए अपने पत्र में लिखा कि वह इस विषय पर केवल एक सांसद के रूप में नहीं, बल्कि ऐसे व्यक्ति के रूप में बोल रहे हैं जिसने मध्यमवर्गीय परिवार में रहकर शिक्षा के महत्व को करीब से महसूस किया है। उन्होंने कहा कि उनके पिता एक अखबार में कार्यरत थे और परिवार की सीमित आय के बावजूद शिक्षा, छात्रवृत्ति और निष्पक्ष परीक्षाओं ने उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दिया।
उन्होंने कहा कि जब परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठते हैं, पेपर लीक जैसी घटनाएं सामने आती हैं और युवाओं का भरोसा टूटता है, तब सबसे अधिक नुकसान आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्ग के परिवारों को होता है। उनके अनुसार छात्रों का आक्रोश अनुशासनहीनता नहीं, बल्कि व्यवस्था से उपजी निराशा का परिणाम है।
अनशन समाप्त करने की भावुक अपील
अपने पत्र में थरूर ने सोनम वांगचुक से कहा कि उन्होंने देश का ध्यान इस मुद्दे की ओर आकर्षित करने में सफलता हासिल की है और अब उनके स्वास्थ्य की रक्षा भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने लिखा कि देश को आगे भी उनकी आवाज और नेतृत्व की आवश्यकता है।
कांग्रेस सांसद ने कहा कि संसद का आगामी सत्र छात्रों के मुद्दों को उठाने का उचित मंच होगा और लोकतांत्रिक संस्थाओं के माध्यम से समाधान तलाशा जाना चाहिए। उन्होंने वांगचुक से स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए अनशन समाप्त करने का आग्रह किया।
सरकार से बातचीत शुरू करने की मांग
थरूर ने केंद्र सरकार से भी छात्रों और आंदोलनकारियों के साथ संवाद शुरू करने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में बातचीत किसी भी समस्या के समाधान का सबसे प्रभावी माध्यम है और सरकार को सकारात्मक पहल करनी चाहिए।
इससे पहले भी कई विपक्षी नेताओं ने सोनम वांगचुक से अनशन समाप्त करने का अनुरोध किया है। आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि उनकी मांग शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की है।
स्वास्थ्य को लेकर बढ़ी चिंता
आंदोलन के आयोजकों के अनुसार, लंबे समय से जारी भूख हड़ताल के कारण सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य में गिरावट दर्ज की गई है। चिकित्सकों की निगरानी में उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। संगठन ने आगामी दिनों में संसद मार्च की भी घोषणा की है और कहा है कि आंदोलन फिलहाल जारी रहेगा।