मध्य प्रदेश के रायसेन में अंधविश्वास के चक्कर में करोड़पति कारोबारी की हत्या, तीन आरोपी गिरफ्तार

मध्य प्रदेश के रायसेन में लापता सर्राफा कारोबारी विजय जैन का शव नदी किनारे दफन मिला। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में अंधविश्वास और कथित खजाने की तलाश का एंगल सामने आया है, जबकि अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है।;

Update: 2026-07-15 06:59 GMT

रायसेन। मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में लापता सर्राफा कारोबारी विजय जैन की हत्या का मामला सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। गैरतगंज निवासी कारोबारी का शव छह दिन बाद परासिया नदी के किनारे मिट्टी में दफन मिला। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने अंधविश्वास और कथित खजाने की तलाश से जुड़े एंगल की बात कही है, हालांकि मामले से जुड़े अन्य संभावित कारणों की भी जांच जारी है।

पुलिस के अनुसार, एक चरवाहे ने नदी किनारे कुत्तों को संदिग्ध तरीके से मिट्टी खोदते देखा और इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर खुदाई कराई गई तो मिट्टी में दफन शव बरामद हुआ। पास में मिले मोबाइल फोन और चप्पलों के आधार पर मृतक की पहचान गैरतगंज के चौक बाजार निवासी विजय जैन के रूप में हुई।

करीबी लोगों पर हत्या का आरोप

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल, लोकेशन, फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की रिपोर्ट और डॉग स्क्वॉड की मदद से कई अहम सुराग जुटाए। इसके बाद पुलिस ने हिनोतिया निवासी प्रह्लाद साहू, उसके बेटे टीकम साहू और उद्दमाऊ निवासी करीम खान को गिरफ्तार किया।

पुलिस का दावा है कि तीनों आरोपी विजय जैन के परिचित थे और कथित रूप से छिपे खजाने को हासिल करने के अंधविश्वास में उन्होंने इस वारदात को अंजाम दिया। हत्या के बाद शव को नदी किनारे गड्ढा खोदकर दफना दिया गया ताकि साक्ष्य मिटाए जा सकें।

कॉल डिटेल से खुली वारदात की परतें

विजय जैन के लापता होने के बाद पुलिस ने उनकी कॉल डिटेल और अंतिम लोकेशन की जांच शुरू की। इस दौरान छह लोगों से पूछताछ की गई। जांच आगे बढ़ने पर तीन संदिग्धों पर शक गहरा गया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने वारदात में अपनी भूमिका स्वीकार की और घटना से जुड़ी जानकारी दी।

पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने कथित तौर पर विजय जैन को नदी किनारे बुलाया, जहां धार्मिक अनुष्ठान के नाम पर उन्हें ले जाया गया। इसके बाद उनकी हत्या कर शव को मिट्टी में दबा दिया गया। हालांकि घटना के सभी पहलुओं की पुष्टि जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।

पुलिस के खुलासे पर उठ रहे सवाल

इस मामले में पुलिस की प्रारंभिक थ्योरी को लेकर स्थानीय स्तर पर कई तरह की चर्चाएं भी हो रही हैं। कुछ लोगों का कहना है कि मृतक की एक आंख कृत्रिम (आर्टिफिशियल) थी और इस कारण कथित तांत्रिक अनुष्ठान की कहानी पर सवाल उठ रहे हैं।

वहीं, क्षेत्र के कुछ लोगों का मानना है कि हत्या के पीछे आर्थिक लेन-देन, संपत्ति विवाद या अन्य व्यक्तिगत कारण भी हो सकते हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच किसी एक एंगल तक सीमित नहीं है और सभी संभावित कारणों की पड़ताल की जा रही है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

रायसेन के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक नायक के नेतृत्व में पुलिस टीम पूरे मामले की जांच कर रही है। वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्र किए हैं। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अब तक की कार्रवाई उपलब्ध साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर की गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और आगे की विवेचना के बाद ही हत्या के वास्तविक कारणों और पूरी साजिश का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।

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