मध्य प्रदेश के सागर में जहरीली शराब का कहर, 4 गांवों में 10 लोगों की मौत; कई अस्पताल में भर्ती
मध्य प्रदेश के सागर जिले में कथित जहरीली शराब से 10 लोगों की मौत की सूचना है। प्रशासन ने छह दुकानें सील कर स्क्रीनिंग और जांच अभियान शुरू किया है।;
बताया गया कि शनिवार रात घूघर, नौराज, बराज और आसपास के इलाकों में कुछ लोगों ने शराब का सेवन किया था। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। परिजन उन्हें उपचार के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां कई लोगों की मौत हो गई। प्रशासन को मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका है।
30 से ज्यादा लोग अस्पताल पहुंचे, गांवों में स्क्रीनिंग
घटना के बाद प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की टीमें सक्रिय हो गई हैं। जानकारी के मुताबिक, 30 से अधिक लोगों को अस्पताल लाया गया है। डॉक्टरों ने कुछ मरीजों में शरीर का रंग नीला पड़ने और अकड़न जैसे लक्षण बताए हैं।
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने लोगों से अपील की है कि जिन लोगों ने पिछले 24 से 48 घंटे के दौरान शराब का सेवन किया है, वे किसी भी तरह के असामान्य लक्षण को नजरअंदाज न करें। उल्टी, सिरदर्द, बुखार या अन्य परेशानी होने पर तत्काल स्वास्थ्य केंद्र या बंडा सिविल अस्पताल पहुंचकर जांच कराने की अपील की गई है।
प्रशासन और डॉक्टरों की टीमें प्रभावित गांवों में घर-घर जाकर स्क्रीनिंग कर रही हैं। शराब पीने वाले लोगों की पहचान कर उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है।
कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर और एसपी ने लिया जायजा
मौतों की सूचना मिलने के बाद सागर के कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर और एसपी समेत वरिष्ठ अधिकारी नौराज और घूघर खुर्द पहुंचे। अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और अस्पताल में भर्ती मरीजों के इलाज की व्यवस्था का जायजा लिया।
प्रशासन ने अवैध शराब के कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। प्रथम दृष्टया एहतियाती कदम के तौर पर क्षेत्र की छह शराब दुकानों को सील किया गया है। साथ ही शराब के नमूने लेने और उनकी जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं।
सीएम मोहन यादव ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घटना पर कहा कि संबंधित मंत्री और अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने मामले की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार इस तरह की घटनाओं को बर्दाश्त नहीं करेगी।
जीतू पटवारी ने सरकार से पूछा- किसका संरक्षण?
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने घटना को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि बंडा क्षेत्र के कई गांवों में जहरीली शराब से संदिग्ध परिस्थितियों में मौतें हुई हैं और मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
पटवारी ने अवैध शराब के कारोबार पर सवाल उठाते हुए पूछा कि शराब माफिया को किसका संरक्षण मिल रहा है। उन्होंने मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने और अवैध शराब नेटवर्क के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की मांग भी की।
फिलहाल प्रशासन मौतों के वास्तविक कारणों और शराब के स्रोत की जांच कर रहा है। मेडिकल रिपोर्ट और जांच के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।