अगले वित्त वर्ष की शुरुआत में लॉन्च होंगे ₹10 और ₹20 के प्लास्टिक नोट , जानिए क्या होंगे बड़े फायदे

आरबीआई जल्द ही भारत में पॉलिमर (प्लास्टिक) नोट लॉन्च करने की तैयारी में है। जानिए कब शुरू होगा पायलट टेस्ट, क्या होंगे फायदे और किन मूल्यवर्ग के नोट पहले जारी किए जाएंगे।;

Update: 2026-08-05 10:21 GMT
नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) जल्द ही देश में पॉलिमर यानी प्लास्टिक के नोटों का प्रचलन शुरू करने की तैयारी में है। यदि सभी प्रक्रियाएं तय समय पर पूरी हो जाती हैं, तो अगले वित्त वर्ष की शुरुआत से लोग प्लास्टिक के नोटों का इस्तेमाल कर सकेंगे। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मौद्रिक नीति समीक्षा की घोषणा के बाद यह जानकारी देते हुए कहा कि पॉलिमर नोट अधिक टिकाऊ, सुरक्षित और लंबे समय तक चलने वाले होंगे।

उन्होंने बताया कि दुनिया के कई देशों में पिछले तीन दशक से अधिक समय से पॉलिमर नोटों का सफलतापूर्वक इस्तेमाल किया जा रहा है। खासकर कम मूल्यवर्ग के नोटों के लिए यह तकनीक अधिक उपयोगी मानी जाती है, क्योंकि ऐसे नोट सबसे अधिक हाथों में घूमते हैं और जल्दी खराब हो जाते हैं।

फिलहाल चल रही है तैयारी, कई चरण बाकी

आरबीआई गवर्नर के अनुसार, पॉलिमर नोटों के लिए आवश्यक विशेष सामग्री की खरीद प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके लिए निविदाएं आमंत्रित की गई हैं। इसके बाद गुणवत्ता परीक्षण, सुरक्षा मानकों की जांच और विभिन्न तकनीकी स्वीकृतियां ली जाएंगी।

उन्होंने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में कई स्तर के परीक्षण और अत्याधुनिक सुरक्षा फीचर शामिल होंगे। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही इन नोटों को बाजार में उतारा जाएगा। यदि योजना के अनुसार काम आगे बढ़ा, तो अगले वित्त वर्ष की शुरुआत में इन नोटों को आम जनता के लिए जारी किया जा सकता है।

क्यों लाए जा रहे हैं पॉलिमर नोट?

आरबीआई का कहना है कि पॉलिमर नोट लागू करने के पीछे दो प्रमुख उद्देश्य हैं। पहला, इनका जीवनकाल पारंपरिक कागजी नोटों की तुलना में तीन से चार गुना अधिक होता है। इससे बार-बार नए नोट छापने की आवश्यकता कम होगी और छपाई पर होने वाला खर्च भी घटेगा।

दूसरा, देश की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और नकदी की बढ़ती मांग को देखते हुए मुद्रा प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाना जरूरी है। लंबे समय तक टिकने वाले नोटों से रिजर्व बैंक की परिचालन क्षमता भी बेहतर होगी।

क्या होते हैं पॉलिमर नोट?

पॉलिमर नोट विशेष प्रकार की सिंथेटिक प्लास्टिक फिल्म से बनाए जाते हैं। ये सामान्य कागजी नोटों की तुलना में अधिक मजबूत, लचीले और जलरोधक होते हैं। इन पर गंदगी, नमी और फटने का असर काफी कम पड़ता है। साथ ही इनमें आधुनिक सुरक्षा फीचर जोड़ना भी आसान होता है, जिससे नकली नोटों पर रोक लगाने में मदद मिलती है।

पहले होगा पायलट प्रोजेक्ट

सरकार पहले ही रिजर्व बैंक को 10 रुपये और 20 रुपये के पॉलिमर नोट जारी करने की अनुमति दे चुकी है। शुरुआती चरण में लगभग दो अरब प्लास्टिक नोट पायलट प्रोजेक्ट के तहत छापे जाएंगे। इनका सीमित स्तर पर परीक्षण किया जाएगा ताकि उनकी गुणवत्ता, टिकाऊपन और आम लोगों की प्रतिक्रिया का आकलन किया जा सके।

यदि पायलट परियोजना सफल रहती है, तो भविष्य में अन्य मूल्यवर्ग के नोट भी पॉलिमर तकनीक में जारी किए जा सकते हैं। इससे देश की मुद्रा व्यवस्था अधिक आधुनिक, सुरक्षित और टिकाऊ बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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