राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मास्टरमाइंड कौन? अविनाश शुक्ला की पूछताछ में बड़े खुलासे, कई नए नाम जांच के दायरे में

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अविनाश शुक्ला की पूछताछ से कई अहम सुराग मिले हैं। पुलिस अब अन्य आरोपियों, बैंक कर्मचारियों और वित्तीय लेनदेन की गहन जांच कर रही है।;

Update: 2026-07-05 05:42 GMT

अयोध्या। अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। इस मामले में गिरफ्तार आरोपी अविनाश शुक्ला से पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान हुई पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आने का दावा किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, अविनाश ने कथित तौर पर पूरे नेटवर्क, रकम के बंटवारे और कुछ अन्य संदिग्ध लोगों की भूमिका को लेकर अहम जानकारी दी है। अब पुलिस इन जानकारियों के आधार पर अन्य आरोपियों से भी गहन पूछताछ की तैयारी कर रही है।

सूत्रों का कहना है कि पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर कुछ नए लोगों के नाम भी जांच के दायरे में आए हैं। यदि पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं तो उन्हें भी इस मामले में आरोपी बनाया जा सकता है।

जेल में बंद पांच आरोपियों से होगी पूछताछ

पुलिस ने कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद जेल में बंद पांच अन्य आरोपियों से पूछताछ की तैयारी शुरू कर दी है। विवेचक एवं पुलिस उपाधीक्षक आशुतोष तिवारी की ओर से अदालत में आवेदन दिया गया था, जिसे मंजूरी मिल चुकी है।

जिन आरोपियों से पूछताछ की जाएगी, उनमें रामशंकर उर्फ टिन्नू यादव, करुणेश पांडेय, लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा और सुभाष श्रीवास्तव शामिल हैं। पुलिस यह जानने का प्रयास करेगी कि कथित चोरी की योजना कब शुरू हुई, धन का वितरण कैसे होता था और पूरे नेटवर्क का संचालन कौन कर रहा था।

रकम के बंटवारे को लेकर भी पूछताछ

सूत्रों के अनुसार, अविनाश शुक्ला ने पूछताछ में बताया है कि कथित तौर पर चढ़ावे से निकाली गई रकम का बंटवारा एक तय व्यवस्था के तहत किया जाता था। पुलिस इस दावे की स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि इस प्रक्रिया में किन-किन लोगों की भूमिका थी और क्या किसी प्रभावशाली व्यक्ति का संरक्षण भी प्राप्त था।

पुलिस फिलहाल इन सभी दावों की पुष्टि साक्ष्यों के आधार पर कर रही है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले वित्तीय रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्य और अन्य दस्तावेजों का मिलान किया जा रहा है।

संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन की पड़ताल

जांच एजेंसियां आरोपियों की चल-अचल संपत्तियों का भी ब्योरा जुटा रही हैं। यह देखा जा रहा है कि मंदिर से जुड़े कार्यकाल के दौरान किन लोगों ने नई संपत्तियां खरीदीं और उनकी आय का स्रोत क्या था।

यदि जांच में आय और संपत्ति के बीच असामान्य अंतर मिलता है तो इसे भी जांच का महत्वपूर्ण आधार बनाया जाएगा। पुलिस ने इस संबंध में कई स्थानों पर दस्तावेज जुटाने और सत्यापन की कार्रवाई भी शुरू कर दी है।

बैंक कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के घेरे में

मामले में बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच तेज कर दी गई है। शनिवार को भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के शाखा प्रबंधक अनूप कुमार त्रिपाठी ने पुलिस के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया। इसके अलावा पहले मंदिर से जुड़े रहे बैंक अधिकारियों और वर्तमान में कार्यरत कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।

जांच अधिकारी यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि चढ़ावे की नकदी जमा करने की प्रक्रिया में कहीं कोई लापरवाही या मिलीभगत तो नहीं हुई। बैंक और ट्रस्ट के बीच तय व्यवस्था का पालन हुआ या नहीं, इसकी भी विस्तार से जांच की जा रही है।

आगे क्या होगी कार्रवाई?

पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों से पूछताछ, बैंक रिकॉर्ड, वित्तीय लेनदेन और बरामद साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यदि पूछताछ में नए तथ्य सामने आते हैं तो अन्य आरोपियों की पुलिस कस्टडी रिमांड भी मांगी जा सकती है। जांच एजेंसियों का दावा है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और साक्ष्य आधारित जांच की जा रही है, ताकि चढ़ावा चोरी से जुड़े सभी पहलुओं का खुलासा हो सके।

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