पटोले का बड़ा आरोप: राम मंदिर चढ़ावा चोरी में असली दोषी बचाए जा रहे हैं
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नाना पटोले ने शनिवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में "असली दोषियों" को बचाने की कोशिश कर रहे हैं तथा वे अंततः "किसी को बलि का बकरा" बना देंगे;
बलि का बकरा थ्योरी: कांग्रेस नेता बोले– मुख्य साजिशकर्ता बाहर रहेंगे
- मोदी-भागवत पर निशाना: पटोले ने शीर्ष नेतृत्व को घोटाले का जिम्मेदार ठहराया
- एसआईटी जांच पर सवाल: पटोले बोले– सच्चाई छिपाने का हथकंडा
- धार्मिक भावनाओं का शोषण: भाजपा-आरएसएस को जनता और धर्म से माफी मांगनी चाहिए
नागपुर। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नाना पटोले ने शनिवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में "असली दोषियों" को बचाने की कोशिश कर रहे हैं तथा वे अंततः "किसी को बलि का बकरा" बना देंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि मुख्य साजिशकर्ता जांच के दायरे से बाहर रहें।
श्री पटोले ने यहां संवाददाताओं को संबोधित करते हुए भाजपा और आरएसएस पर राम मंदिर के नाम पर एकत्र धन का कथित रूप से दुरुपयोग करके भक्तों के विश्वास को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया। उन्होंने इस कथित घोटाले की निष्पक्ष, पारदर्शी और स्वतंत्र जांच की मांग की।
उन्होंने दावा किया कि हालांकि कुछ व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है, लेकिन घोटाले की साजिश रचने के लिए कथित रूप से जिम्मेदार लोग कानून की पहुंच से बाहर रहेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले के लिए भाजपा और आरएसएस सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं। उन्होंने दावा किया कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूरा भाजपा नेतृत्व इसमें शामिल है। उन्होंने कहा, "भाजपा और आरएसएस का इरादा चढ़ावे के पैसे को लूटना और लोगों की धार्मिक भावनाओं का शोषण करना है। उन्हें जनता के साथ-साथ सनातन धर्म से भी माफी मांगनी चाहिए।"
प्रस्तावित विशेष जांच दल की जांच पर सवाल उठाते हुए श्री पटोले ने आरोप लगाया कि इस तरह के तंत्र का इस्तेमाल अक्सर सच्चाई को छिपाने के लिए किया जाता है। उन्होंने कहा, "वे किसी को बलि का बकरा बनायेंगे, लेकिन मुख्य लोग बाहर ही रहेंगे।" उन्होंने जोर दिया कि राजनीतिक पद या संबद्धता की परवाह किये बिना, जो भी दोषी पाया जाये, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।