राम मंदिर चंदा चोरी मामला: एसआईटी ने सीएम योगी को सौंपी की शुरुआती रिपोर्ट, ट्रस्ट पदाधिकारियों पर बढ़ी निगरानी

राम मंदिर चंदा चोरी मामले में SIT ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शुरुआती रिपोर्ट सौंपी। ट्रस्ट पदाधिकारियों को अयोध्या न छोड़ने के निर्देश, जमीन खरीद और निर्माण खर्च की भी जांच।;

Update: 2026-06-21 14:15 GMT
लखनऊ।राम मंदिर चंदा चोरी और कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप दी है। सूत्रों के अनुसार, शुरुआती निष्कर्षों के आधार पर अब एसआईटी विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार करेगी, जिसमें दान राशि, संपत्ति खरीद और निर्माण कार्यों से जुड़े सभी पहलुओं का विश्लेषण शामिल होगा।

जांच से जुड़े सूत्रों का कहना है कि एसआईटी ने राम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों को फिलहाल अयोध्या नहीं छोड़ने के निर्देश दिए हैं। जांच टीम का मानना है कि मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्यों की पुष्टि अभी बाकी है, इसलिए संबंधित व्यक्तियों की उपलब्धता सुनिश्चित करना आवश्यक है।

बताया जा रहा है कि एसआईटी रोजाना की जांच रिपोर्ट को डिजिटल रूप में सुरक्षित रख रही है। इसमें ट्रस्ट अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य संबंधित लोगों से हुई पूछताछ का पूरा रिकॉर्ड शामिल किया जा रहा है। जांच एजेंसियां इन दस्तावेजों और बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की रणनीति तैयार कर रही हैं।

सिर्फ दान राशि नहीं, जमीन खरीद की भी होगी जांच

सूत्रों के मुताबिक एसआईटी की जांच केवल चंदे की कथित हेराफेरी तक सीमित नहीं है। टीम मंदिर ट्रस्ट द्वारा विभिन्न चरणों में खरीदी गई जमीनों और निर्माण सामग्री की खरीद प्रक्रिया की भी पड़ताल कर रही है।

पिछले कुछ वर्षों में राम मंदिर परियोजना के लिए खरीदी गई कई जमीनों को लेकर विपक्षी दलों ने सवाल उठाए थे। आरोप लगाया गया था कि कुछ भूखंड बाजार मूल्य से अधिक कीमत पर खरीदे गए। अब एसआईटी इन आरोपों की भी जांच कर रही है कि कहीं वित्तीय अनियमितताएं या प्रक्रिया संबंधी खामियां तो नहीं हुईं।

13 जून को हुआ था SIT का गठन

राम मंदिर में दान राशि के कथित दुरुपयोग और गबन के आरोप सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को विशेष जांच दल का गठन किया था। इस टीम में लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन को शामिल किया गया है।

एसआईटी पिछले सात दिनों से लगातार मंदिर परिसर और ट्रस्ट से जुड़े विभिन्न पक्षों से पूछताछ कर रही है। जांच के दौरान वित्तीय रिकॉर्ड, दान प्रबंधन प्रणाली और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की भी समीक्षा की जा रही है।

जांच के बीच भी बरकरार है श्रद्धालुओं की आस्था

राम मंदिर में चल रही जांच के बावजूद श्रद्धालुओं की संख्या में कोई खास कमी देखने को नहीं मिली है। देशभर से बड़ी संख्या में भक्त रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या पहुंच रहे हैं। हालांकि मंदिर परिसर के दान काउंटरों पर पहले की तुलना में कुछ कमी जरूर देखी जा रही है।

दर्शन करने आए श्रद्धालुओं का कहना है कि उनकी आस्था भगवान श्रीराम में है और किसी भी विवाद का उस पर असर नहीं पड़ेगा। कई श्रद्धालुओं ने कहा कि वे पहले भी दान करते थे और आगे भी करते रहेंगे।

अयोध्या के संतों और धार्मिक नेताओं ने भी लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। उनका कहना है कि जांच पूरी होने के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी और राम भक्तों का विश्वास पहले की तरह कायम रहेगा। अब सभी की निगाहें एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट और उसके आधार पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

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