ड्रग तस्करी के खिलाफ कार्रवाई को लेकर एनसीबी और गोवा एएनटीएफ की दूसरी जेसीसी बैठक
ऑर्गनाइज़्ड ड्रग तस्करी के खिलाफ मिलकर कार्रवाई को मजबूत करने के लिए एनसीबी के डीडीजी (एसडब्ल्यूआर) विशाल एम. सनाप और गोवा एएनटीएफ के आईजी के. आर. चौरसिया ने गोवा जोन के लिए 2026 की दूसरी जॉइंट कोऑर्डिनेशन कमेटी (जेसीसी) मीटिंग की सह-अध्यक्षता की।;
नई दिल्ली। ऑर्गनाइज़्ड ड्रग तस्करी के खिलाफ मिलकर कार्रवाई को मजबूत करने के लिए एनसीबी के डीडीजी (एसडब्ल्यूआर) विशाल एम. सनाप और गोवा एएनटीएफ के आईजी के. आर. चौरसिया ने गोवा जोन के लिए 2026 की दूसरी जॉइंट कोऑर्डिनेशन कमेटी (जेसीसी) मीटिंग की सह-अध्यक्षता की।
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इस बैठक की तस्वीर शेयर की। साथ ही एनसीबी ने लिखा कि इस बैठक में गोवा पुलिस, कस्टम्स, डीआरआई, ईडी, आईबी, डाक विभाग, एफडीए और गोवा, महाराष्ट्र व कर्नाटक की पुलिस यूनिट्स के सीनियर अधिकारी शामिल हुए।
चर्चा मुख्य रूप से एनसीबी के विज़न डॉक्यूमेंट (2026–2029), तस्करी के नए ट्रेंड्स, जेल से होने वाली ड्रग तस्करी, तस्करी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल, क्रिप्टोकरेंसी से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग, गोवा एयरपोर्ट पर ज़ब्ती और डाक के ज़रिए तस्करी पर केंद्रित रही।
मीटिंग में मध्यम मात्रा (इंटरमीडिएट क्वांटिटी) वाले मामलों में फाइनेंशियल जांच को मजबूत करने, आदतन अपराधियों के खिलाफ पीआईटीएनडीपीएस एक्ट का असरदार इस्तेमाल, काम की जानकारी (इंटेलिजेंस) समय पर शेयर करने, संयुक्त पूछताछ और रेड फ़्लैग इंडिकेटर्स (आरएफआई) के जरिए गुप्त ड्रग लैबोरेटरी की पहचान करने पर भी चर्चा हुई।
एफडीए के साथ बिना सही प्रिस्क्रिप्शन के टैपेंटाडोल और दूसरी प्रिस्क्रिप्शन वाली दवाओं की बिक्री के मुद्दे पर भी चर्चा हुई, साथ ही एनफोर्समेंट को मजबूत करने के उपायों पर भी बात हुई। चर्चा में उचित मामलों में मुकदमा वापस लेने और विदेशी नागरिकों को डिपोर्ट करने के बारे में भी बात की गई।
सभी शामिल एजेंसियों ने ड्रग तस्करी से असरदार ढंग से निपटने और ऑर्गनाइज्ड नशीले पदार्थों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए आपसी तालमेल, इंटेलिजेंस शेयरिंग और संयुक्त एनफोर्समेंट कोशिशों को मजबूत करने के अपने संकल्प को दोहराया।