आईएनएस महेंद्रगिरि के लोकार्पण पर राजनाथ सिंह ने कहा, भारतीय नौसेना देश की अर्थव्यवस्था की भी प्रहरी
आईएनएस महेंद्रगिरि के कमीशनिंग समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय नौसेना केवल सैन्य शक्ति नहीं, बल्कि देश की आर्थिक सुरक्षा की भी सशक्त प्रहरी बन चुकी है।;
विशाखापत्तनम। विशाखापत्तनम में आईएनएस महेंद्रगिरि के कमीशनिंग समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय नौसेना की भूमिका को देश की सुरक्षा और आर्थिक हितों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि हाल के वैश्विक घटनाक्रमों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि किसी भी राष्ट्र के लिए सक्षम और त्वरित प्रतिक्रिया देने वाली नौसेना अनिवार्य है।
पश्चिम एशिया संकट में निभाई अहम भूमिका
रक्षा मंत्री ने पश्चिम एशिया में हालिया तनाव के दौरान चलाए गए ‘ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा’ का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत भारतीय नौसेना ने 18 व्यापारी जहाजों को सुरक्षित मार्ग प्रदान किया, जिनमें 9,000 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का आवश्यक सामान लदा था। उनके अनुसार, इस मिशन ने स्पष्ट कर दिया कि नौसेना केवल युद्धक शक्ति नहीं, बल्कि भारत की आर्थिक सुरक्षा की भी मजबूत संरक्षक है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र आज वैश्विक रणनीतिक गतिविधियों का केंद्र बन चुका है और इसकी स्थिरता व विकास में भारत की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रधानमंत्री के ‘महा सागर’ दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत पूरे क्षेत्र में साझा सुरक्षा और समग्र विकास का पक्षधर है।
विश्वसनीय साझेदार के रूप में उभरा भारत
रक्षा मंत्री ने कहा कि मानवीय सहायता, आपदा राहत, समुद्री डकैती से मुकाबला और संकटग्रस्त देशों से नागरिकों की सुरक्षित निकासी जैसे अभियानों में भारतीय नौसेना ने बार-बार अपनी विश्वसनीयता साबित की है। इसी कारण भारत आज हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एक भरोसेमंद सुरक्षा साझेदार के रूप में स्थापित हुआ है।
उन्होंने स्वदेशी युद्धपोत निर्माण की उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला। उनके अनुसार, प्रत्येक स्वदेशी युद्धपोत देश की तकनीकी क्षमता, डिजाइन विशेषज्ञता और कुशल मानव संसाधन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाता है। इससे जहाज निर्माण से जुड़े उद्योगों को भी प्रोत्साहन मिलता है और रोजगार के नए अवसर सृजित होते हैं।
राजनाथ सिंह ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भारत वैश्विक जहाज निर्माण और समुद्री रक्षा नवाचार के प्रमुख केंद्रों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाएगा। आईएनएस महेंद्रगिरि का नौसेना में शामिल होना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।