विदाई से पहले मॉनसून का यूटर्न, दिल्ली-यूपी से बिहार-झारखंड तक बारिश; बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम
मॉनसून की विदाई शुरू होने के बावजूद बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव से दिल्ली-यूपी, बिहार, झारखंड और बंगाल समेत कई राज्यों में सितंबर के आखिरी 15 दिनों में बारिश होगी।;
नई दिल्ली। चार महीने लंबे दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सीजन के समाप्त होने का समय करीब आ गया है। मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी राजस्थान से 15 से 17 सितंबर के बीच मॉनसून की वापसी शुरू हो सकती है। इसके बाद दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी मौसम धीरे-धीरे शुष्क होने लगेगा। हालांकि, देश के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में बारिश का दौर अभी जारी रहने की संभावना है।
दिल्ली-एनसीआर में बादल, हल्की बारिश के आसार
दिल्ली-एनसीआर में अगले कुछ दिनों तक आसमान में बादल छाए रह सकते हैं। गरज-चमक और बिजली के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है, हालांकि तेज बारिश की उम्मीद कम है। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 16-17 सितंबर के आसपास छिटपुट बारिश हो सकती है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दिल्ली-एनसीआर से मॉनसून की पूरी विदाई 20 से 25 सितंबर के बीच हो सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के नोएडा और गाजियाबाद जैसे इलाकों में 22 से 27 सितंबर के बीच मॉनसून लौटने के संकेत हैं। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश यानी पूर्वांचल में सितंबर के अंतिम दिनों तक बारिश जारी रह सकती है।
राजस्थान से शुरू होगी मॉनसून की वापसी
पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर, फलोदी, बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ समेत कई जिलों से 15 से 18 सितंबर के बीच मॉनसून की विदाई शुरू हो सकती है। हालांकि इससे पहले इन क्षेत्रों में बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है।
पूर्वी राजस्थान में 15 से 17 सितंबर के बीच आंधी, बिजली और बारिश की संभावना है। पश्चिमी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 15 से 20 सितंबर के दौरान बारिश हो सकती है, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में 16 से 20 सितंबर के बीच हल्की बारिश के आसार हैं।
बंगाल की खाड़ी में बना सिस्टम बढ़ाएगा बारिश
बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र ने मॉनसून की विदाई के बीच बारिश की गतिविधियां बढ़ा दी हैं। इसके प्रभाव से पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार और झारखंड में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर बन सकता है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में भी बारिश जारी रहने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार 15-20 सितंबर और फिर 22-25 सितंबर के बीच पूर्वी भारत में बारिश का नया दौर देखने को मिल सकता है। बिहार और झारखंड में लगातार बारिश से खरीफ फसलों को फायदा हो सकता है, लेकिन निचले इलाकों में जलभराव का खतरा भी बढ़ेगा।
दक्षिण भारत में भी फिर बढ़ेगी बारिश
सितंबर के आखिरी 15 दिनों में तटीय कर्नाटक और केरल में बारिश की गतिविधियां दोबारा तेज हो सकती हैं। कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में भी नए मौसमी सिस्टम के कारण मध्यम से भारी बारिश का अनुमान है। वहीं बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र, ओडिशा और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में मॉनसून अक्टूबर के पहले सप्ताह तक सक्रिय रह सकता है।
कैसे होती है मॉनसून की विदाई?
मॉनसून की वापसी आमतौर पर 1 सितंबर के बाद शुरू मानी जाती है। किसी क्षेत्र में लगातार करीब पांच दिन बारिश का पूरी तरह थमना, हवा के दबाव और दिशा में बदलाव तथा वातावरण में नमी कम होना मॉनसून की विदाई के प्रमुख संकेत माने जाते हैं। इस बार बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसमी प्रणालियों के कारण देश के कई हिस्सों में सितंबर के अंत तक बारिश बनी रह सकती है।