राहुल गांधी का दावा- एक साल के भीतर प्रधानमंत्री नहीं रहेंगे मोदी, भाजपा ने कहा- देश में अस्थिरता फैलाने की कोशिश

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दावा किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक साल के भीतर पद पर नहीं रहेंगे और देश में आर्थिक संकट की स्थिति बन सकती है। भाजपा ने उनके बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे भय और अस्थिरता फैलाने की राजनीति बताया है।;

Update: 2026-06-05 04:24 GMT

नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के एक बयान ने देश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। राहुल गांधी ने दावा किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले एक वर्ष के भीतर प्रधानमंत्री पद पर नहीं रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि देश के भीतर संस्थागत ढांचे में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं और आर्थिक चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं। उनके इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे देश में अस्थिरता और भ्रम फैलाने की कोशिश बताया है।

आदिवासी नेताओं के कार्यक्रम में राहुल का बयान

दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में देशभर से आए आदिवासी नेताओं को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि जिस व्यवस्था पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कभी मजबूत नियंत्रण था, वह अब भीतर से कमजोर हो रही है। उन्होंने दावा किया कि सरकारी संस्थानों के भीतर असंतोष बढ़ रहा है और जनता के दबाव का असर विभिन्न संस्थाओं पर दिखाई दे रहा है।

राहुल गांधी ने कहा कि देश के सामने आर्थिक चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं और भविष्य में गंभीर आर्थिक संकट जैसी स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि जनदबाव को नियंत्रित करने के लिए कठोर कदम उठाए जा सकते हैं। हालांकि उन्होंने अपने दावों के समर्थन में कोई ठोस प्रमाण सार्वजनिक रूप से पेश नहीं किया।

भाजपा ने किया पलटवार

राहुल गांधी के बयान के बाद भाजपा नेताओं ने उन पर निशाना साधा। भाजपा के आईटी विभाग प्रमुख अमित मालवीय ने कहा कि कांग्रेस लगातार चुनावी पराजय का सामना कर रही है और इसी वजह से पार्टी नेतृत्व इस तरह के बयान देकर राजनीतिक माहौल को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है।

मालवीय ने कहा कि राहुल गांधी पहले भी लोकतंत्र, संस्थाओं और चुनावी प्रक्रिया को लेकर कई गंभीर आरोप लगा चुके हैं, लेकिन उनके दावों को जनता ने स्वीकार नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता समय-समय पर नए राजनीतिक नैरेटिव गढ़कर भ्रम फैलाने का प्रयास करते हैं।

यूपीए और एनडीए सरकारों की तुलना

अमित मालवीय ने अपने बयान में यूपीए और मोदी सरकार की तुलना भी की। उन्होंने कहा कि यूपीए शासन के दौरान देश कई आर्थिक और प्रशासनिक चुनौतियों से जूझ रहा था, जबकि वर्तमान सरकार ने भारत की वैश्विक स्थिति को मजबूत किया है। भाजपा का दावा है कि देश की अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा पहले की तुलना में अधिक सुदृढ़ हुई है।

कांग्रेस के इतिहास पर भी उठाए सवाल

भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने राहुल गांधी की टिप्पणियों को कांग्रेस के राजनीतिक इतिहास से जोड़ते हुए कहा कि देश में आपातकाल लगाने का निर्णय कांग्रेस सरकार ने ही लिया था। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को इतिहास नहीं भूलना चाहिए और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर लगातार सवाल उठाने के बजाय सकारात्मक राजनीति करनी चाहिए।

वहीं भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के बयान देश में अनिश्चितता और अस्थिरता का माहौल बनाने वाले हैं। उन्होंने कहा कि जनता बार-बार ऐसे दावों को खारिज कर चुकी है और देश विकास के एजेंडे पर आगे बढ़ रहा है।

राजनीतिक बयानबाजी से गरमाया माहौल

राहुल गांधी के बयान और भाजपा की प्रतिक्रिया के बाद राजनीतिक माहौल एक बार फिर गर्म हो गया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने की संभावना है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे बयान आगामी चुनावी रणनीतियों और राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बन सकते हैं, जिससे राष्ट्रीय राजनीति में बहस का नया दौर शुरू हो गया है।

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