पंजाब बंद का व्यापक असर, मोहाली में हाईवे जाम, जालंधर-मुक्तसर में बाजार बंद; रेल सेवा रही सामान्य
कौमी इंसाफ मोर्चा के पंजाब बंद का कई जिलों में असर दिखा। मोहाली में हाईवे जाम, जालंधर-मुक्तसर में बाजार बंद रहे, जबकि रेल और आवश्यक सेवाएं सामान्य रहीं।;
मोहाली और आसपास हाईवे पर प्रदर्शन, आवाजाही प्रभावित
मोहाली और जीरकपुर के कई हिस्सों में बंद का असर नजर आया। कुछ जगह दुकानें बंद रहीं और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था प्रभावित हुई। हंडेसरा क्षेत्र में प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर जाम लगाया, जबकि लालड़ू में बंद का असर अपेक्षाकृत मिला-जुला रहा। पुलिस ने चंडीगढ़ में प्रवेश करने वाले प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा बढ़ाई और नाकाबंदी की।
अबोहर-जालालाबाद में बाजार पूरी तरह बंद
अबोहर में अधिकांश बाजार और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। कुछ सरकारी बसें चलती रहीं, लेकिन निजी बसों का संचालन प्रभावित हुआ। दूसरी ओर, जलालाबाद में दुकानों, व्यापारिक संस्थानों, निजी स्कूलों और कोचिंग सेंटरों ने बंद का समर्थन किया।
रेल यातायात पर बंद का खास असर नहीं पड़ा। ट्रेनें अपने निर्धारित समय के अनुसार चलती रहीं और बैंक तथा जरूरी सेवाएं भी कई जगह सामान्य रूप से संचालित हुईं।
अमृतसर और जालंधर में निकाला गया मार्च
अमृतसर में सिख संगठनों के कार्यकर्ताओं ने विभिन्न इलाकों में मार्च निकालकर बंदी सिंहों की रिहाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने बैनर और झंडे लेकर नारेबाजी की। जालंधर में भी कई बाजार बंद रहे और सिख संगठनों ने प्रमुख चौक-चौराहों पर धरना दिया। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल की तैनाती की गई।
सिख नेताओं ने आरोप लगाया कि सजा पूरी कर चुके कई बंदी अभी भी जेलों में बंद हैं। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से इस मुद्दे पर ठोस कार्रवाई की मांग की।
मुक्तसर में बस सेवा ठप, जरूरी सेवाएं जारी
मुक्तसर में बंद का व्यापक असर देखने को मिला। स्कूल, कॉलेज, बाजार और व्यावसायिक संस्थान बंद रहे। बस स्टैंड से विभिन्न रूटों पर बसों का संचालन प्रभावित रहा। हालांकि मेडिकल स्टोर, अस्पताल, एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी आवश्यक सेवाएं चालू रहीं। रेल यातायात भी सामान्य रहा।
लुधियाना और कोटकपूरा में मिला-जुला असर
लुधियाना में कई निजी स्कूलों ने सुरक्षा के मद्देनजर छुट्टी घोषित की, जबकि कुछ शिक्षण संस्थान खुले रहे। प्रमुख बाजारों में कई दुकानें बंद रहीं, लेकिन कुछ इलाकों में दुकानें आधे शटर के साथ खुली नजर आईं। पुलिस ने संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाई।
कोटकपूरा में भी बाजारों में बंद का असर दिखा, जबकि सड़कों पर कुछ स्थानों पर वाहनों की आवाजाही जारी रही। प्रदर्शनकारियों ने बंदी सिंहों की रिहाई और जगतार सिंह हवारा को पैरोल देने की मांग दोहराई।
चंडीगढ़ में नहीं दिखा खास असर
पंजाब बंद का चंडीगढ़ में अपेक्षाकृत कम असर रहा। हालांकि जीरकपुर और मोहाली के कुछ हिस्सों में गतिविधियां प्रभावित हुईं, लेकिन चंडीगढ़ में सामान्य जनजीवन काफी हद तक जारी रहा। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की।