देश को मिली पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की सौगात, पीएम मोदी ने दिखाई हरी झंडी; जानें डिटेल

देश को पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की सौगात मिल गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई, जो हावड़ा और गुवाहाटी के बीच चलेगी।

Update: 2026-01-17 08:48 GMT

मालदा। देश को पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की सौगात मिल गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई, जो हावड़ा और गुवाहाटी के बीच चलेगी। पूरी तरह वातानुकूलित इस 16 कोच वाली ट्रेन में कुल 823 यात्रियों की क्षमता है।

यह ट्रेन लगभग 958-968 किलोमीटर की दूरी मात्र 14 घंटे में तय करती है, जो मौजूदा ट्रेनों से करीब 2.5-3 घंटे कम है। इसकी डिजाइन स्पीड 180 किमी/घंटा है, जिसमें सस्पेंशन सिस्टम, ऑटोमैटिक दरवाजे, बेहतर बर्थ और यात्रा के दौरान क्षेत्रीय व्यंजन (बंगाली/असमिया) उपलब्ध हैं।

यह सप्ताह में 6 दिन चलाई जाएगी। यह ट्रेन पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के बीच कनेक्टिविटी, पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा देगी।रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 1 जनवरी को दोनों स्टेशनों के बीच (एसी 1, एसी 2 और एसी 3) तीनों श्रेणियों के लिए संभावित किरायों की घोषणा की थी। रेलवे बोर्ड के मुताबिक, वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में आरएसी या आंशिक रूप से कन्फर्म टिकटों का कोई प्रावधान नहीं होगा और न्यूनतम 400 किलोमीटर की दूरी के लिए शुल्क लगेगा।

एक यात्री को एसी 1, एसी 2 और एसी 3 श्रेणियों में क्रमशः 1,520 रुपये, 1,240 रुपये और 960 रुपये का भुगतान करना होगा, चाहे यात्रा की दूरी एक किमी से 400 किमी के बीच कितनी भी हो। 400 किलोमीटर से अधिक दूरी के लिए, शुल्क की गणना प्रति किलोमीटर के आधार पर की जाएगी, जिसमें एसी 1 के लिए 3.20 रुपये, एसी 2 के लिए 3.10 रुपये और एसी 3 के लिए 2.40 रुपये होंगे।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में किसके लिए आरक्षण

बोर्ड के सर्कुलर में कहा गया, 'लागू होने पर माल एवं सेवा कर अलग से लगाया जाएगा। न्यूनतम शुल्क योग्य दूरी 400 किमी होगी। किराया मौजूदा नियमा के तहत राउंड ऑफ किया जाएगा। इस ट्रेन के लिए केवल कन्फर्म टिकट ही जारी किए जाएंगे। रिजर्वेशन अगेंस्ट कैंसिलेशन (RAC)/प्रतीक्षा सूची/आंशिक रूप से कन्फर्म टिकटों का कोई प्रावधान नहीं होगा। समय-समय पर जारी मौजूदा निर्देशों के अनुसार केवल महिला आरक्षण, दिव्यांगजनों के लिए आरक्षण, वरिष्ठ नागरिक आरक्षण और ड्यूटी पास आरक्षण ही लागू होगा। इस ट्रेन में कोई अन्य आरक्षण कोटा लागू नहीं होगा।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन से यात्रियों को मिलेगा शानदार यात्रा का अनुभव

-पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन बंगाल के हावड़ा से असम के गुवाहाटी के बीच संचालित होगी, जो पूर्वी भारत को उत्तर पूर्वी भारत से जोड़ने वाला अहम कॉरिडोर है।

-अभी जो वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं, वो दिन में यात्रा के लिए हैं, और उनमें बैठकर यात्रा करने की ही सुविधा उपलब्ध है और उनमें लंबी दूरी की यात्रा थोड़ी मुश्किल है। अब स्लीपर वंदे भारत ट्रेन में रात में यात्रा की सुविधा दी गई है, जिसमें यात्री आराम से लेटकर यात्रा कर सकेंगे।

-वंदे भारत स्लीपर ट्रेन से हावड़ा और गुवाहाटी के बीच की यात्रा में अभी करीब 17 घंटे का समय लगता है, जो अब घटकर 14 घंटे रह जाएगा।

-वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में 16 आधुनिक कोच हैं, जिनमें कुल 1128 यात्री सफर कर सकते हैं। इन कोच में एयरोडायनामिक्स डिजाइन का इस्तेमाल किया गया है, जिससे हवा का दबाव कम पड़ेगा और लोगों को आरामदायक और शांत यात्रा का अनुभव होगा।

-वंदे भारत एक्सप्रेस का वजन दूसरी गाड़ियों से 10-20 फीसदी कम रहता है। रेलगाड़ी के हर पहिये पर लगी ट्रैक्शन मोटर एक सुरक्षित सफर की गारंटी होती है। यही वह तकनीक है, जिससे गाड़ी बिना किसी देरी के स्पीड पकड़ लेती है। अगर आपातकालीन ब्रेक का इस्तेमाल करना पड़े, तो भी यह गाड़ी बिना ट्रैक छोड़े तुरंत रुक जाती है।

-बता दें कि दिल्ली मेट्रो ट्रेन के पहियों में भी ट्रैक्शन मोटर लगी होती है। इसी के चलते मेट्रो चंद सेकेंड में रफ्तार पकड़ लेती है, तो दूसरी ओर वह तेज गति में होने के बावजूद तुरंत रुक भी जाती है।

-वंदे भारत स्लीपर ट्रेन 180 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से दौड़ सकती है। ट्रेन में आधुनिक सस्पेंशन सिस्टम का भी इस्तेमाल किया गया है, जिससे ट्रेन में झटके और कंपन कम होगी और यात्री आरामदायक यात्रा का आनंद ले सकेंगे।

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