संसद में फिर पेपर लीक पर हंगामा, राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित

संसद के मानसून सत्र के पांचवें दिन भी NEET पेपर लीक और छात्र आंदोलन को लेकर लोकसभा और राज्यसभा में जोरदार हंगामा हुआ। विपक्ष के विरोध के बीच दोनों सदनों की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई।;

Update: 2026-07-24 06:20 GMT

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के पांचवें दिन भी नीट-यूजी पेपर लीक और छात्र आंदोलन का मुद्दा दोनों सदनों में छाया रहा। शुक्रवार सुबह लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने परीक्षा में कथित गड़बड़ियों, पेपर लीक और छात्रों के मुद्दे पर जोरदार हंगामा शुरू कर दिया। लगातार नारेबाजी के चलते लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी, फिर राज्यसभा की कार्यवाही दो बजे तक स्थगित की गई। लोकसभा में हंगामा जारी है। 

विपक्ष की मांग है कि परीक्षा प्रणाली में हुई कथित अनियमितताओं पर विस्तृत चर्चा कराई जाए और छात्र आंदोलन से जुड़े घटनाक्रम पर सरकार जवाब दे। साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी विपक्ष लगातार दोहरा रहा है।

हम चर्चा नहीं करेंगे, तो देश में नहीं जाएगा सही संदेश: रिजिजू

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, मैंने आज एक बार फिर केसी वेणुगोपाल जी से अनुरोध किया है कि जब हम सभी इस बात से सहमत हैं कि नीट पर चर्चा होनी चाहिए, तो हमें चर्चा करनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने देश को भरोसा दिया है। सोनम वांगचुक ने अपना अनशन खत्म कर दिया है और चर्चा की मांग की है। अगर हम चर्चा नहीं करेंगे तो देश में सही संदेश नहीं जाएगा। 

कारगिल विजय दिवस पर वीर जवानों को श्रद्धांजलि

सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले दोनों सदनों में कारगिल विजय दिवस के अवसर पर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि दी गई।

राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने कारगिल युद्ध में शहीद हुए सैनिकों के सर्वोच्च बलिदान और अदम्य साहस को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। वहीं लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी कारगिल के वीर योद्धाओं को नमन करते हुए कहा कि देश उनके त्याग और वीरता का सदैव ऋणी रहेगा।

हंगामे के कारण नहीं चल सकी कार्यवाही

श्रद्धांजलि के बाद जैसे ही सदन की नियमित कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सांसदों ने NEET पेपर लीक और छात्र आंदोलन को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। विपक्ष लगातार इस मुद्दे पर तत्काल चर्चा और सरकार से जवाब की मांग करता रहा।

लोकसभा अध्यक्ष ने सदन में व्यवस्था बनाए रखने और कार्यवाही चलने देने की अपील की, लेकिन हंगामा जारी रहने के कारण कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। इसी तरह राज्यसभा में भी विपक्ष के विरोध के चलते सदन की कार्यवाही निर्धारित समय तक नहीं चल सकी।

सरकार ने दोहराया छात्रों के साथ न्याय का भरोसा

इस बीच केंद्र सरकार ने कहा कि वह छात्रों के हितों की रक्षा और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के साथ गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि बैठक में छात्रों की चिंताओं और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

जितेंद्र सिंह के अनुसार, सरकार ने रचनात्मक संवाद और सकारात्मक कदम उठाने का भरोसा दिया, जिसके बाद सोनम वांगचुक ने अपना 26 दिन का अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार छात्रों को न्याय दिलाने और परीक्षा प्रणाली से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है।

संसद परिसर में विपक्ष का प्रदर्शन

सदन के भीतर हंगामे के साथ-साथ संसद परिसर में भी विपक्षी दलों का विरोध प्रदर्शन जारी रहा। इंडिया ब्लॉक के सांसदों ने हाथों में तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया और नीट-यूजी पेपर लीक विवाद, छात्र आंदोलन पर हुई पुलिस कार्रवाई तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई।

मानसून सत्र के पहले सप्ताह में लगातार पांचवें दिन भी संसद में गतिरोध बना रहा। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार और विपक्ष के बीच सहमति बनती है या नहीं, ताकि परीक्षा प्रणाली और छात्र आंदोलन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सदन में विस्तृत चर्चा हो सके।

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