संसद परिसर में सरकार-विपक्ष आमने-सामने, लोकसभा-राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित; छात्र आंदोलन पर बढ़ा सियासी घमासान
संसद के मानसून सत्र में NEET और छात्र आंदोलन को लेकर सरकार और विपक्ष आमने-सामने आ गए। लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही हंगामे के कारण स्थगित हुई, जबकि संसद परिसर में NDA और विपक्ष ने अलग-अलग प्रदर्शन किए।;
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान गुरुवार को भी सरकार और विपक्ष के बीच तीखी टकराव की स्थिति देखने को मिली। NEET परीक्षा, छात्र आंदोलन और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष के हंगामे के चलते लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। संसद परिसर में भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसद अलग-अलग स्थानों पर प्रदर्शन करते नजर आए, जिससे पूरे परिसर का राजनीतिक माहौल गर्म हो गया।
दिल्ली में जंतर-मंतर पर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। 20 जुलाई को आयोजित "चलो पार्लियामेंट" मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और दिल्ली पुलिस के बीच हुई झड़प के बाद आंदोलन और तेज हो गया है। प्रदर्शनकारी शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और अपनी अन्य मांगों को लेकर धरने पर डटे हुए हैं।
सदन में नहीं चल सकी कार्यवाही
लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर तत्काल चर्चा की मांग उठाई। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन में शांति बनाए रखने और प्रश्नकाल चलने देने की अपील की, लेकिन लगातार हंगामे के कारण कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
इसके कुछ ही समय बाद राज्यसभा में भी समान स्थिति बनी रही। विपक्षी सदस्यों के विरोध के चलते उच्च सदन की कार्यवाही भी निर्धारित समय तक स्थगित कर दी गई।
चर्चा पर सहमति, नियमों पर मतभेद
सरकार और विपक्ष दोनों का कहना है कि वे छात्रों से जुड़े मुद्दों पर संसद में चर्चा चाहते हैं, लेकिन चर्चा किस नियम के तहत होगी और उसकी अवधि क्या होगी, इस पर अभी सहमति नहीं बन सकी है।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार शुरुआत से ही NEET और परीक्षा से जुड़े मामलों पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि चर्चा की प्रक्रिया और नियम बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की बैठक में तय किए जाएंगे। उन्होंने विपक्ष से बिना शर्त चर्चा में भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि संसद की कार्यवाही नियमों के अनुसार चलनी चाहिए।
संसद परिसर में एनडीए का प्रदर्शन
संसद परिसर के मकर द्वार पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सांसदों ने भी प्रदर्शन किया। उनका आरोप था कि हाल में प्रधानमंत्री आवास के बाहर हुए विपक्षी प्रदर्शन से प्रधानमंत्री की सुरक्षा प्रभावित हुई।
सत्ता पक्ष के सांसद तख्तियां लेकर प्रदर्शन में शामिल हुए और उन्होंने विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के तरीके पर सवाल उठाए। वहीं विपक्ष ने सरकार पर छात्रों की मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
प्रियंका गांधी ने सरकार पर साधा निशाना
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने छात्रों के मुद्दे पर सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था पर छात्रों का भरोसा कमजोर हुआ है और सरकार को सबसे पहले उनकी बात सुननी चाहिए।
उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगें स्पष्ट हैं, जिनमें शिक्षा व्यवस्था में सुधार, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और छात्रों के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार पर जवाबदेही तय करना शामिल है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में समाधान चाहती है तो उसे छात्रों से संवाद स्थापित करना होगा और विश्वास बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।
राजनीतिक गतिरोध जारी
संसद के भीतर और बाहर जारी विरोध-प्रदर्शन से स्पष्ट है कि सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध अभी समाप्त होता नहीं दिख रहा। हालांकि दोनों पक्ष चर्चा की बात कर रहे हैं, लेकिन प्रक्रिया और प्राथमिकताओं को लेकर मतभेद बने हुए हैं।
अब सभी की निगाहें बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक और संसद की अगली कार्यवाही पर टिकी हैं, जहां यह तय हो सकता है कि छात्रों और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सदन में कब और किस रूप में चर्चा होगी।