संसद का मानसून सत्र आज से: 'वंदे मातरम्' समेत 6 अहम विधेयक पेश करेगी सरकार, विपक्ष राम मंदिर चढ़ावा और पेपर लीक पर घेरने को तैयार
संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू। सरकार 'वंदे मातरम्' समेत 6 महत्वपूर्ण विधेयक पेश करेगी, जबकि विपक्ष राम मंदिर चढ़ावा चोरी, NEET पेपर लीक, सोनम वांगचुक और इथेनॉल नीति जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।;
नई दिल्ली। संसद का मानसून सत्र सोमवार, 20 जुलाई से शुरू हो रहा है। सत्र के पहले ही दिन सरकार और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक टकराव की संभावना जताई जा रही है। केंद्र सरकार जहां छह महत्वपूर्ण विधेयकों को सदन में पेश करने की तैयारी में है, वहीं विपक्ष राम मंदिर चढ़ावा चोरी, कथित पेपर लीक, इथेनॉल नीति, सोनम वांगचुक के आंदोलन और अन्य जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बना चुका है।
सत्र के समानांतर दिल्ली में प्रस्तावित संसद मार्च और सुरक्षा व्यवस्था भी चर्चा का विषय बनी हुई है। जंतर-मंतर से संसद तक सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं और पुलिस ने प्रदर्शन को लेकर कड़ी निगरानी रखी है। संसद भवन और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तथा अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है।
सरकार पेश करेगी छह महत्वपूर्ण विधेयक
मानसून सत्र के दौरान केंद्र सरकार कई अहम विधायी प्रस्ताव सदन के सामने रखेगी। इनमें प्रमुख रूप से विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, आयकर संशोधन विधेयक, सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने संबंधी संशोधन, जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण कानून में बदलाव, राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम संशोधन विधेयक तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) विकास संशोधन विधेयक शामिल हैं।
इन विधेयकों पर सरकार व्यापक चर्चा कराकर उन्हें पारित कराने की कोशिश करेगी। सरकार का कहना है कि ये कानून प्रशासनिक सुधार, न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने और आर्थिक गतिविधियों को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगे।
विपक्ष के निशाने पर राम मंदिर चढ़ावा और पेपर लीक
विपक्षी दलों ने साफ कर दिया है कि वे संसद में कई संवेदनशील मुद्दे उठाएंगे। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है और इस विषय पर सरकार को जवाब देना होगा।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार महत्वपूर्ण जनसरोकार के मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए नए विधेयकों को आगे बढ़ा रही है। विपक्ष NEET पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था, सोनम वांगचुक के आंदोलन, इथेनॉल नीति और अन्य मामलों पर भी चर्चा की मांग करेगा।
सपा भी करेगी सरकार से जवाब की मांग
समाजवादी पार्टी ने भी संकेत दिए हैं कि वह राम मंदिर चढ़ावा मामले में विशेष जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग करेगी। पार्टी कानून-व्यवस्था, किसानों की समस्याएं, शिक्षा व्यवस्था तथा शिक्षकों से जुड़े मुद्दों को भी सदन में प्रमुखता से उठाएगी।
विपक्ष का कहना है कि सरकार को केवल विधेयक पारित कराने के बजाय जनता से जुड़े सवालों का भी जवाब देना चाहिए।
ओम बिरला ने सांसदों से की सहयोग की अपील
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मानसून सत्र शुरू होने से पहले सभी सांसदों से संसदीय गरिमा बनाए रखने और रचनात्मक चर्चा में भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है, जहां सार्थक बहस और जनहित से जुड़े निर्णय लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करते हैं।
उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी दल संविधान की भावना और संसदीय परंपराओं का सम्मान करते हुए सकारात्मक सहयोग देंगे, ताकि अधिकतम विधायी कार्य पूरे किए जा सकें।
सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष नजर
संसद सत्र के पहले दिन प्रस्तावित प्रदर्शन और संसद मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस हाई अलर्ट पर है। संसद भवन के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं और कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सरकार के विधायी एजेंडे और विपक्ष के आक्रामक रुख के कारण मानसून सत्र का पहला सप्ताह काफी महत्वपूर्ण और संभावित रूप से हंगामेदार रह सकता है।