राज्यसभा में NDA की बढ़ी ताकत: 27 में से 19 सीटों पर जीत, दो-तिहाई बहुमत के और करीब पहुंचा गठबंधन

राज्यसभा चुनाव में NDA ने 27 में से 19 सीटें जीतकर अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। झारखंड में परिमल नथवानी की जीत के बाद NDA दो-तिहाई बहुमत के और करीब पहुंच गया है।;

Update: 2026-06-19 04:57 GMT

नई दिल्ली। 10 राज्यों की 27 राज्यसभा सीटों के लिए हुए चुनावों के नतीजों ने संसद के ऊपरी सदन में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की स्थिति को और मजबूत कर दिया है। झारखंड के नतीजे सामने आने के बाद स्पष्ट हो गया कि इस चुनाव में NDA ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 19 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि INDIA गठबंधन को केवल 5 सीटों से संतोष करना पड़ा। शेष सीटें अन्य दलों और उम्मीदवारों के खाते में गईं।

झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के परिणामों ने भी राजनीतिक समीकरणों पर असर डाला। एक सीट पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के उम्मीदवार बैद्यनाथ राम विजयी रहे, जबकि दूसरी सीट पर NDA समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी ने जीत हासिल की। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा को पराजित कर INDIA गठबंधन को बड़ा झटका दिया।

राज्यसभा में मजबूत हुई NDA की स्थिति

इन चुनावी नतीजों के बाद 245 सदस्यीय राज्यसभा में NDA की संख्या बढ़कर 152 तक पहुंच गई है। वहीं INDIA गठबंधन के पास 63 सांसद हैं। इसके अलावा कुछ क्षेत्रीय दलों और निर्दलीय सदस्यों का समर्थन भी अलग-अलग मुद्दों पर NDA को मिलता रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि सहयोगी दलों और मित्र पार्टियों का समर्थन जुड़ता है, तो NDA दो-तिहाई बहुमत के आंकड़े के और करीब पहुंच सकता है।

किन राज्यों में था मुकाबला?

राज्यसभा चुनाव के दौरान सबसे ज्यादा नजरें मध्य प्रदेश और झारखंड पर थीं। मध्य प्रदेश में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन से जुड़ी प्रक्रिया के बाद भाजपा को एक सीट पर लगभग निर्विरोध जीत मिल गई। वहीं झारखंड में मुकाबला रोचक हो गया था क्योंकि NDA समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी मैदान में थे।

झारखंड में कैसे बदला समीकरण?

झारखंड विधानसभा में जीत के लिए उम्मीदवार को 28 प्रथम वरीयता वोटों की जरूरत थी। JMM के पास पर्याप्त संख्या बल होने के कारण उसके उम्मीदवार की जीत लगभग तय मानी जा रही थी। बैद्यनाथ राम ने अपेक्षित समर्थन हासिल कर जीत दर्ज की।

दूसरी ओर NDA के पास अपने दम पर आवश्यक वोट नहीं थे, लेकिन अतिरिक्त समर्थन मिलने से परिमल नथवानी जीत हासिल करने में सफल रहे। उनकी जीत को NDA की रणनीतिक सफलता माना जा रहा है।

संसद में बढ़ेगा राजनीतिक प्रभाव

राज्यसभा में संख्या बढ़ने से NDA को महत्वपूर्ण विधेयकों और नीतिगत फैसलों को आगे बढ़ाने में राजनीतिक मजबूती मिल सकती है। वहीं INDIA गठबंधन के लिए यह परिणाम आगामी राजनीतिक चुनौतियों का संकेत माना जा रहा है।

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