यूपी चुनाव को लेकर पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह का बड़ा बयान, कहा-इस बार मुकाबला कड़ा होगा
बीजेपी नेता बृजभूषण शरण सिंह ने यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर कहा कि इस बार मुकाबला कड़ा होगा। उन्होंने सत्ता विरोधी लहर और राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर भी बयान दिया।;
नई दिल्ली।उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। चुनाव में अभी समय है, लेकिन राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने यूपी के आगामी चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने माना कि इस बार मुकाबला आसान नहीं होगा और प्रदेश में ‘लड़ाई’ है।
‘क्या हम झूठ बोल दें, इस बार लड़ाई है’
एक टीवी इंटरव्यू में बृजभूषण शरण सिंह से जब पूछा गया कि उत्तर प्रदेश में एक बार फिर योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीजेपी की सरकार बनेगी या समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव सत्ता में वापसी करेंगे, तो उन्होंने कहा कि इस बार चुनावी मुकाबला कड़ा रहेगा।
उन्होंने कहा, “इस बार लड़ाई है।” जब उनसे पूछा गया कि क्या बीजेपी के लिए चुनाव एकतरफा नहीं होगा, तो उन्होंने दोबारा कहा कि मुकाबला है। एंकर ने जब याद दिलाया कि वह भाजपा के नेता हैं, तो बृजभूषण ने जवाब दिया कि पार्टी में होने के बावजूद वह झूठ नहीं बोल सकते।
सपा की पिछली जीत पर भी बोले भाजपा नेता
बृजभूषण सिंह ने लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि सपा के 37 सांसदों की जीत अलग राजनीतिक परिस्थितियों में हुई थी। उनके मुताबिक चुनावी परिस्थितियां लगातार बदलती रहती हैं।
उन्होंने यह भी माना कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के कारण सरकार के खिलाफ anti-incumbency का असर हो सकता है। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ सरकार को करीब एक दशक हो गया है और सत्ता विरोधी लहर राजनीति में सामान्य बात है। ऐसे में इस बार मुकाबला टफ रहने की संभावना है।
राम मंदिर चढ़ावा मामले पर क्या बोले?
राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर भी बृजभूषण सिंह ने अपनी राय रखी। उन्होंने दावा किया कि शुरुआत में इस मुद्दे से विपक्ष को कुछ राजनीतिक सहानुभूति मिल सकती थी, लेकिन अब यह मामला उसके लिए उल्टा पड़ रहा है।
बीजेपी नेता ने कहा कि चुनाव में मुख्य मुद्दा मंदिर से जुड़े आरोप नहीं, बल्कि सरकार का कामकाज होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इस मामले को राजनीतिक रूप देने की कोशिश कर रहा है।
‘चोरी के आरोपों में पुजारी-संतों का नाम नहीं’
बृजभूषण सिंह ने कहा कि अयोध्या में चढ़ावे की व्यवस्था से जुड़े आरोपों में जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उनमें मंदिर व्यवस्था से जुड़े कर्मचारी और अन्य जिम्मेदार लोग शामिल हैं। उनके मुताबिक, इसे साधु-संतों से जोड़कर पेश करना भगवा वस्त्र और संत समाज को बदनाम करने जैसा है।
उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान जनता सरकार के कामकाज, विकास और स्थानीय मुद्दों के आधार पर अपना फैसला करेगी। ऐसे में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी और विपक्ष के बीच राजनीतिक मुकाबला दिलचस्प होने के संकेत मिल रहे हैं।