नंदीग्राम में अल्पसंख्यक वोटरों से शुभेंदु अधिकारी की अपील, बोले- ‘जय श्री राम’ नहीं कहना तो ‘भारत माता की जय’ बोलें

नंदीग्राम उपचुनाव से पहले शुभेंदु अधिकारी ने अल्पसंख्यक वोटरों से बीजेपी के समर्थन की अपील की। बोले- ‘जय श्री राम’ नहीं कहना तो ‘भारत माता की जय’ बोलें।;

Update: 2026-10-03 06:26 GMT
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र में 6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव से पहले चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को बिरुलिया बाजार में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए अल्पसंख्यक मतदाताओं से बीजेपी के साथ जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि बीजेपी ‘जय श्री राम’ का नारा लगाती है, लेकिन किसी पर इसे बोलने का दबाव नहीं है। उनके मुताबिक, जो लोग यह नारा नहीं लगाना चाहते, वे ‘भारत माता की जय’ कह सकते हैं।

अल्पसंख्यक वोटरों से ‘दोस्ती’ की अपील

नंदीग्राम के बिरुलिया बाजार इलाके में मुस्लिम आबादी को संबोधित करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने 6 अक्टूबर को होने वाले मतदान को बीजेपी के साथ “दोस्ती का हाथ बढ़ाने” का अवसर बताया। उन्होंने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस के कमजोर होने से अल्पसंख्यक मतदाताओं के सामने राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं।

अधिकारी ने कहा कि उनकी सरकार विकास कार्यों में अल्पसंख्यक समुदाय को भी भागीदार बनाना चाहती है। उन्होंने नंदीग्राम में बीजेपी उम्मीदवार हसिरानी रथ के समर्थन में मतदान की अपील की।

चंद्रनाथ रथ की हत्या का मुद्दा भी उठाया

प्रचार के दौरान शुभेंदु अधिकारी ने अपने पूर्व सहयोगी चंद्रनाथ रथ की हत्या का मुद्दा भी उठाया। बीजेपी ने चंद्रनाथ की मां हसिरानी रथ को नंदीग्राम से उम्मीदवार बनाया है। चंद्रनाथ रथ की 6 मई को कोलकाता के बाहरी इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी और मामले की जांच सीबीआई कर रही है।

अधिकारी ने दावा किया कि चंद्रनाथ की हत्या उन्हें करीब होने के कारण की गई। उन्होंने हत्या में 2 करोड़ रुपये की कथित सुपारी और उत्तर प्रदेश तथा बिहार से जुड़े लोगों का आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने दावा किया कि सीबीआई जांच का बड़ा हिस्सा पूरा हो चुका है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

TMC पर निशाना, चुनाव चिह्न विवाद का जिक्र

शुभेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस और उसके नेतृत्व पर भी हमला बोला। उन्होंने चुनाव आयोग की ओर से टीएमसी के अलग-अलग गुटों को अलग नाम और चुनाव चिह्न दिए जाने का हवाला देते हुए दावा किया कि पार्टी का पुराना राजनीतिक प्रभाव खत्म हो गया है।

दरअसल, चुनाव आयोग के फैसले के बाद नंदीग्राम उपचुनाव का राजनीतिक समीकरण बदला है। टीएमसी उम्मीदवार संचिता डे प्रधान ने नामांकन वापस ले लिया था, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन दिया है।

एक साल में एक लाख सरकारी नौकरी का वादा

मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की रोजगार और विकास योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने नंदीग्राम-देशप्राण-बाजकुल रूट पर ट्रेन सेवा शुरू करने की बात कही। इसके अलावा उन्होंने एक साल के भीतर एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने का वादा किया।

अधिकारी ने दावा किया कि 12,000 पुलिस कांस्टेबल पदों की मेरिट लिस्ट जारी की जा चुकी है और 11 अक्टूबर को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। उन्होंने प्रवासी मजदूरों को वापस लाकर रोजगार उपलब्ध कराने की बात भी कही।

6 अक्टूबर को मतदान, 9 अक्टूबर को नतीजे

नंदीग्राम उपचुनाव के लिए 6 अक्टूबर को वोट डाले जाएंगे और मतगणना 9 अक्टूबर को होगी। बीजेपी ने यहां हसिरानी रथ को मैदान में उतारा है। कांग्रेस की ओर से मिलन प्रधान उम्मीदवार हैं। मिलन प्रधान को पुराने मामलों में गिरफ्तारी के बाद हाल में अदालत से अंतरिम जमानत मिली है, जिसके बाद उन्होंने चुनाव प्रचार शुरू किया है।

चुनाव से पहले शुभेंदु अधिकारी का अल्पसंख्यक मतदाताओं तक पहुंच बनाने का प्रयास नंदीग्राम की चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा बन गया है। मतदान के बाद ही स्पष्ट होगा कि इन अपीलों का चुनावी असर क्या रहता है।

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