अगले साल से पटरी पर दौड़ेगी भारत की पहली बुलेट ट्रेन, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने किया बड़ा एलान
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की कि मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना का सूरत-बिलिमोरा खंड अगले वर्ष शुरू होगा। परियोजना चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी।;
रेल मंत्री ने बताया कि शेष कॉरिडोर को भी चरणबद्ध ढंग से चालू किया जाएगा। पहले वापी-सूरत खंड, फिर वापी-अहमदाबाद, इसके बाद अहमदाबाद-ठाणे और अंत में अहमदाबाद से मुंबई तक सेवाएं शुरू की जाएंगी। उनका कहना था कि निर्माण कार्य तय समय के अनुसार आगे बढ़ रहा है और आधुनिक तकनीक के प्रयोग से परियोजना को गति मिली है।
स्टेशन पुनर्विकास पर भी तेज काम
वैष्णव ने देशभर में चल रहे रेलवे स्टेशन पुनर्विकास अभियान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अब तक 261 स्टेशनों का कायाकल्प पूरा किया जा चुका है। सिकंदराबाद स्टेशन को अत्याधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है, जहां नियमित रेल संचालन जारी रखते हुए निर्माण कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि प्लेटफॉर्मों के ऊपर विशाल एयर कॉन्कोर्स का निर्माण सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए किया जा रहा है। यह कार्य विश्व स्तर पर चुनौतीपूर्ण माना जाता है, क्योंकि अधिकांश देशों में ऐसे निर्माण के दौरान रेल यातायात रोक दिया जाता है।
हैदराबाद बनेगा हाई-स्पीड रेल हब
रेल मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर हैदराबाद को तीन प्रस्तावित बुलेट ट्रेन कॉरिडोर से जोड़ा जा रहा है। पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-चेन्नई और हैदराबाद-बेंगलुरु हाई-स्पीड रेल मार्ग क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई गति देंगे।
उनके अनुसार, इन परियोजनाओं से उद्योग, व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। बेहतर संपर्क से शहरों के बीच आवागमन आसान होगा और निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
इलेक्ट्रॉनिक्स और रेल क्षेत्र में निवेश
वैष्णव ने कहा कि केंद्र सरकार की इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण योजनाओं से तेलंगाना को विशेष लाभ मिला है। राज्य में सौ से अधिक इलेक्ट्रॉनिक्स इकाइयों को बढ़ावा दिया गया है। साथ ही, रेलवे अवसंरचना के विकास के लिए तेलंगाना को 5,400 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।
बुलेट ट्रेन परियोजना और रेलवे के आधुनिकीकरण से देश के परिवहन ढांचे को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि हाई-स्पीड रेल नेटवर्क भविष्य में भारत की आर्थिक प्रगति का महत्वपूर्ण आधार बनेगा।