मणिपुर में आगजनी के बाद बढ़ा तनाव, प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इंफाल पश्चिम के कांटो सबल गांव में आगजनी की घटना के बाद मणिपुर में तनाव बढ़ गया है। विपक्ष और सत्तापक्ष दोनों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।;

Update: 2026-07-13 04:03 GMT
इंफाल। मणिपुर के इंफाल पश्चिम जिले के कांटो सबल गांव में हुई आगजनी की घटना के बाद क्षेत्र में एक बार फिर तनाव का माहौल बन गया है। प्रभावित परिवारों और स्थानीय लोगों में गहरी नाराजगी है। घटना को लेकर सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक सतर्कता पर भी सवाल उठने लगे हैं। राज्य सरकार ने मामले की जांच तेज करने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का भरोसा दिया है।

घटना के बाद कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम ने प्रशासनिक अधिकारियों के रवैये पर असंतोष जताया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में स्थानीय लोग सुरक्षा बलों की मौजूदगी में अपनी शिकायतें दर्ज कराते दिखाई दे रहे हैं। सांसद ने आरोप लगाया कि अधिकारियों से संपर्क करने के बावजूद उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठे सवाल

अकोइजम ने कहा कि यदि सुरक्षा बल मौके पर मौजूद थे, तो आगजनी की घटना को रोका क्यों नहीं जा सका। उन्होंने यह भी जानना चाहा कि संभावित हिंसा के संबंध में कोई खुफिया सूचना थी या नहीं तथा यदि थी तो पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम क्यों नहीं किए गए। उनके अनुसार, शांति बनाए रखने के लिए स्थानीय समुदायों के बीच संवाद की व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता है।

उधर, भाजपा विधायक हेइखम डिंगो सिंह ने भी घटना की निंदा करते हुए कहा कि किसी भी परिस्थिति में निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के साथ घटनास्थल का दौरा किया और प्रभावित परिवारों से मुलाकात की।

जांच तेज, गिरफ्तारियां शुरू

विधायक के अनुसार, प्रारंभिक जांच के आधार पर कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है और अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मुख्यमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्रालय को भी दे दी गई है।

प्रशासन ने क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए हैं और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है तथा नुकसान का आकलन किया जा रहा है।

मणिपुर पिछले कई महीनों से सामुदायिक तनाव की चुनौती से जूझ रहा है। ऐसे में कांटो सबल की घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि स्थायी शांति के लिए प्रभावी प्रशासनिक समन्वय, सामुदायिक संवाद और त्वरित न्याय व्यवस्था की आवश्यकता है।

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