काशी विश्वनाथ मंदिर के स्वर्ण शिखर से सोना गायब होने का आरोप, पीएमओ ने शुरू की जांच

काशी विश्वनाथ मंदिर के स्वर्ण शिखर से सोना गायब होने की शिकायत PMO पहुंची। मंदिर प्रशासन ने कलश सुरक्षित होने और IIT मद्रास से तकनीकी सर्वे कराने की जानकारी दी।;

Update: 2026-10-14 10:41 GMT

वाराणसी। अयोध्या के राम मंदिर में दान और सोने-चांदी के आभूषणों की कथित चोरी के मामले की जांच के बीच अब वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर के स्वर्ण शिखर को लेकर सवाल उठे हैं। मंदिर के शिखर से सोना गायब होने की शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) तक पहुंची है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पीएमओ ने शिकायत पर जांच शुरू कराई है। वहीं, मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर मंदिर प्रशासन ने भी आंतरिक जांच शुरू कर दी है।

यह शिकायत वाराणसी के तेलियाबाग निवासी अधिवक्ता नित्यानंद राय ने की है। उनका आरोप है कि मंदिर के स्वर्ण शिखर के कई स्थानों से सोना गायब है और कुछ हिस्सों पर लगी सोने की परत भी ढीली हो रही है। हालांकि, मंदिर प्रशासन ने सोना चोरी होने की पुष्टि नहीं की है।

29 सितंबर को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री कार्यालय भेजी गई शिकायत

अधिवक्ता नित्यानंद राय ने बीते 29 सितंबर को मंडलायुक्त के साथ प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री कार्यालय को पत्र भेजकर मामले की जांच कराने की मांग की थी। शिकायत में कहा गया कि मंदिर के उत्तरी द्वार के ठीक ऊपर दो स्थानों पर लगे स्वर्ण कलश दिखाई नहीं दे रहे हैं।

नित्यानंद राय के मुताबिक, जब इस संबंध में मंदिर प्रशासन से जानकारी मांगी गई तो उन्हें जवाब नहीं मिला। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट पर शिखर से सोना हटाए जाने या कलश की स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है। शिकायतकर्ता ने पूर्व में मंदिर से सोने-चांदी की चोरी की घटनाओं का हवाला देते हुए पारदर्शी जांच की मांग की है।

स्वर्ण शिखर की परतें ढीली होने का भी दावा

शिकायतकर्ता का कहना है कि स्वर्ण शिखर के दूसरे हिस्सों में भी छोटे-छोटे पैच से सोना गायब नजर आता है। कुछ स्थानों पर सोने की परत हिल रही है, जिससे तेज हवा या अन्य गतिविधियों के दौरान उसके गिरने की आशंका है। उन्होंने पूरे स्वर्ण शिखर का तकनीकी निरीक्षण कराने और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।

अधिवक्ता ने मंदिर प्रशासन से यह भी कहा है कि धाम के भीतर जहां-जहां सोना और चांदी लगाई गई है, उसकी पूरी जानकारी वाला श्वेत पत्र जारी किया जाए। यह दस्तावेज मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट पर भी सार्वजनिक किया जाना चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं को संपत्ति और उसकी स्थिति की जानकारी मिल सके।

मंदिर प्रशासन ने बताया, सुरक्षित रखा गया है कलश

काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन के अनुसार, उत्तरी द्वार के ऊपर लगा एक स्वर्ण कलश कुछ समय पहले बंदरों की उछल-कूद के दौरान गिर गया था। प्रशासन का कहना है कि कलश को भंडारगृह में सुरक्षित रखा गया है। तकनीकी परीक्षण के बिना उसे दोबारा स्थापित करना उचित नहीं है।

इसके लिए आईआईटी मद्रास से संपर्क किया गया है। संस्थान की टीम प्राथमिक सर्वे कर चुकी है और पूरे स्वर्ण शिखर की मरम्मत की संस्तुति दी गई है। मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने भी बताया कि कलश को सुरक्षित रखा गया है और तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से उसे जल्द दोबारा स्थापित कराने की योजना है।

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