सीजेपी पर अन्नामलाई का यू-टर्न! बोले- कभी समर्थन नहीं किया, अभिजीत दीपके के संगठन से बनाई दूरी
भाजपा के पूर्व नेता के. अन्नामलाई ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को लेकर अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि उनकी पार्टी और सीजेपी का एजेंडा अलग है। इससे पहले उन्होंने CJP के उठाए सवालों का समर्थन किया था, जिसके बाद उनके बयान की चर्चा तेज हो गई।;
नई दिल्ली। भाजपा छोड़ चुके तमिलनाडु के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को लेकर अपना रुख साफ किया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी भी सीजेपी का समर्थन नहीं किया और दोनों के एजेंडे अलग-अलग हैं। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब इससे पहले उन्होंने सीजेपी की ओर से उठाए जा रहे सवालों का समर्थन करने की बात कही थी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुरुवार को अन्नामलाई ने कहा, “हमने कभी भी कॉकरोच जनता पार्टी का समर्थन नहीं किया है। उनका एजेंडा अलग है, हमारा एजेंडा अलग है।” उनके इस बयान को सीजेपी के प्रति उनके पहले के रुख से अलग माना जा रहा है।
पहले कहा था- सवाल उठाने के मामले में समर्थन
इससे पहले अन्नामलाई ने कहा था कि वह सीजेपी के विरोध करने के तरीकों से सहमत न हों, लेकिन जिन मुद्दों पर संगठन सवाल उठा रहा है, उन सवालों का समर्थन करते हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि नेताओं को गिरफ्तार कर जेल भेजने से वे और मजबूत हो सकते हैं।
अन्नामलाई ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर सवाल उठाने के अधिकार का भी समर्थन किया था। हालांकि, उनके हालिया बयान में सीजेपी के साथ किसी राजनीतिक समर्थन या साझा एजेंडे से इनकार किया गया है।
भाजपा और केंद्र सरकार पर भी उठा चुके हैं सवाल
अन्नामलाई ने अपने एक सोशल मीडिया पोस्ट में केंद्र सरकार की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद सरकार खुद को प्रासंगिक बनाए रखने के लिए लगातार किसी विरोधी को निशाना बनाती है। उन्होंने CJP के प्रदर्शन को देशविरोधी या विदेशी फंडिंग से संचालित बताने वाले आरोपों पर भी आपत्ति जताई थी।
इन टिप्पणियों के बाद भाजपा के कुछ समर्थकों और नेताओं की ओर से उनकी आलोचना किए जाने की बात सामने आई थी। अन्नामलाई ने कहा था कि लोकतंत्र में कानूनी प्रक्रिया के उल्लंघन पर सवाल उठाने वालों को निशाना बनाया जाना चिंताजनक है।
भाजपा छोड़ने की तारीख भी दिलाई याद
अन्नामलाई ने अपने आलोचकों को जवाब देते हुए कहा था कि उन्होंने 5 जून 2026 को भाजपा छोड़ दी थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि नीट प्रश्नपत्र लीक के विरोध प्रदर्शनों के दौरान प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने की अपील के बाद से उन पर हमले किए जा रहे हैं।
उनके ताजा बयान के बाद सीजेपी और अन्नामलाई के बीच राजनीतिक दूरी को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि उनके रुख में बदलाव के पीछे कोई औपचारिक बातचीत हुई है या नहीं। फिलहाल अन्नामलाई ने इतना साफ कर दिया है कि वह सीजेपी के एजेंडे से खुद को अलग मानते हैं।