तिब्बत में मौत बनकर आया भूकंप, चंद सेकंड में उजड़ गए सैकड़ों घर
चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में आए शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा में कम से कम 16 लोगों की जान चली गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए हैं;
भूकंप से कांपा तिब्बत, हर तरफ मलबा और चीख-पुकार; 16 लोगों की मौत
- बाढ़ के जख्म भरे नहीं थे, अब भूकंप ने मचाई तबाही; तिब्बत में हालात गंभीर
बीजिंग/ल्हासा। चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में आए शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा में कम से कम 16 लोगों की जान चली गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए हैं। भूकंप के झटकों से उत्तरी तिब्बत के नागकू क्षेत्र में बड़ी संख्या में मकान क्षतिग्रस्त हो गए और कई इमारतें धराशायी हो गईं।
स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है। बचाव दल मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटे हैं, जबकि घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और अस्थायी शिविर भी बनाए जा रहे हैं।
सैकड़ों मकान ढहे, कई लोग बेघर
प्रशासन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, भूकंप के कारण सैकड़ों घरों को नुकसान पहुंचा है। कई परिवारों को एहतियातन सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। पुलिस, दमकल विभाग और आपदा राहत एजेंसियां संयुक्त रूप से राहत कार्य में लगी हुई हैं।
घायलों में कुछ लोगों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है, जबकि अन्य का इलाज जारी है। अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का पूरा आकलन अभी किया जा रहा है।
पांच वर्षों का सबसे शक्तिशाली भूकंप
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह पिछले पांच वर्षों में तिब्बत क्षेत्र में महसूस किया गया सबसे शक्तिशाली भूकंप माना जा रहा है। झटकों के बाद कई इलाकों में लोग घरों से बाहर निकल आए और देर रात तक दहशत का माहौल बना रहा।
भूकंप का केंद्र नागकू क्षेत्र के नजदीक बताया गया है। यह इलाका ऊंचाई पर स्थित और अपेक्षाकृत कम आबादी वाला माना जाता है। इसके बावजूद भूकंप के प्रभाव से कई बस्तियों में नुकसान की खबरें सामने आई हैं।
भूकंप की गहराई को लेकर अलग-अलग दावे
भूकंप की गहराई को लेकर विभिन्न एजेंसियों की ओर से अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। कुछ रिपोर्टों में इसकी गहराई करीब 10 किलोमीटर बताई गई है, जबकि अन्य एजेंसियों ने इससे अधिक गहराई दर्ज की है। विशेषज्ञों का कहना है कि भूकंप की तीव्रता और उथली गहराई के कारण झटके अधिक महसूस किए गए।
हाल ही में प्राकृतिक आपदाओं से जूझ चुका है इलाका
तिब्बत और नेपाल सीमा से लगे पर्वतीय क्षेत्र हाल के महीनों में कई प्राकृतिक आपदाओं का सामना कर चुके हैं। कुछ सप्ताह पहले भी बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं से भारी नुकसान हुआ था। ऐसे में नए भूकंप ने स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियों की चुनौतियां और बढ़ा दी हैं।
फिलहाल प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य जारी है और प्रशासन लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी कर रहा है।