दुबई एयरपोर्ट के पास ईरानी ड्रोन हमले से भीषण आग, सभी उड़ानें रद्द

दुबई एयरपोर्ट के पास ईरानी ड्रोन हमले से फ्यूल टैंक में आग लगी, जिसे काबू में कर लिया गया। इस हमले में कोई घायल नहीं हुआ। सुरक्षा के मद्देनज़र दुबई सिविल एविएशन अथॉरिटी ने उड़ानें अस्थायी रूप से निलंबित कीं, जिससे एयरपोर्ट संचालन प्रभावित हुआ।

Update: 2026-03-16 04:43 GMT

नई दिल्ली। दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (DXB) के पास सोमवार को एक ईरानी ड्रोन द्वारा ईंधन टैंक को निशाना बनाए जाने के बाद भीषण आग भड़क उठी। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और धुएं के गुबार दूर तक देखे गए। आपातकालीन टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और अधिकारियों के अनुसार स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है।

दुबई मीडिया ऑफिस ने बताया कि ड्रोन घटना ने एयरपोर्ट के आसपास मौजूद एक फ्यूल टैंक को प्रभावित किया, जिसके बाद सिविल डिफेंस टीमों ने तुरंत आग बुझाने का अभियान शुरू किया। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

दुबई एयरपोर्ट पर उड़ानें सस्पेंड

इसी बीच, Dubai Civil Aviation Authority ने यात्री और स्टाफ की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उड़ानों को अस्थायी रूप से निलंबित करने की घोषणा की है। यह कदम एहतियातन उठाया गया है ताकि किसी भी संभावित जोखिम से बचा जा सके।

अधिकारियों ने बताया कि सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिए गए थे और आग पर काबू पाते ही स्थिति सामान्य करने के प्रयास जारी हैं। हाल के दिनों में एयरपोर्ट के आसपास ड्रोन खतरों के कई मामले सामने आने से सुरक्षा एजेंसियों की चिंता भी बढ़ी है।

वहीं, मिडिल ईस्ट संघर्ष बढ़ने के बाद UAE पहले ही ईरान की ओर से बड़ी संख्या में मिसाइल और ड्रोन हमलों का सामना कर चुका है, जिनका असर इसके महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे. एयरपोर्ट, पोर्ट और तेल सुविधाओं पर पड़ा है।

ईरान ने सबसे ज्यादा UAE को बनाया निशाना

बताते चलें कि इस मिडिल ईस्ट संघर्ष की शुरुआत से अब तक ईरान UAE पर 1,800 से ज्यादा मिसाइलें और ड्रोन दाग चुका है, जिससे UAE इस क्षेत्र का सबसे ज्यादा निशाना बनाया जाने वाला देश बन गया है। इस हमलेबाज़ी के कारण खाड़ी के वित्तीय केंद्र में हवाई यात्रा बार‑बार बाधित हुई है, हालांकि अधिकतर मिसाइलों को एयर डिफेंस सिस्टम ने सफलतापूर्वक रोक लिया है।

अमेरिका‑इजरायल की ओर से ईरानी नेतृत्व पर हुए हमलों के बाद ईरान ने न सिर्फ अमेरिकी ठिकानों, बल्कि खाड़ी देशों के हवाई अड्डों, बंदरगाहों और तेल ढांचों जैसे नागरिक स्थलों को भी निशाना बनाया है। इस बीच, UAE के रक्षा मंत्रालय ने संघर्ष शुरू होने के बाद से छह मौतों की पुष्टि की है। चार नागरिक और दो सैन्यकर्मियों की मौत तकनीकी खराबी के चलते हुए एक हेलिकॉप्टर हादसे में हुई थी।

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