ईरान-अमेरिका युद्ध खत्म होने की ओर, 19 जून को होगा शांति समझौता; 4 दिन में पूरी तरह खुलेगा होर्मुज

अमेरिका और ईरान के बीच लंबे संघर्ष के बाद शांति समझौते का ऐलान किया गया है। 19 जून को स्विट्जरलैंड में समझौते पर हस्ताक्षर होंगे। इसके साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य भी पूरी तरह खोल दिया जाएगा, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद है।;

Update: 2026-06-15 02:17 GMT
वाशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच कई महीनों से जारी तनाव और सैन्य संघर्ष अब समाप्ति की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। पाकिस्तान और अमेरिका की ओर से किए गए ताजा ऐलानों के अनुसार दोनों देशों के बीच शांति समझौते पर सहमति बन गई है और 19 जून को स्विट्जरलैंड में इस पर आधिकारिक हस्ताक्षर किए जाएंगे। इस समझौते के बाद दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Hormuz Strait) को भी पूरी तरह खोलने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

पाकिस्तान ने शांति समझौते की घोषणा की

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि गहन कूटनीतिक वार्ताओं के बाद अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता हो गया है। उन्होंने बताया कि दोनों देशों ने लेबनान सहित विभिन्न मोर्चों पर सभी सैन्य कार्रवाइयों को तत्काल और स्थायी रूप से रोकने पर सहमति जताई है।

शरीफ ने इस समझौते को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इसमें कतर, सऊदी अरब और तुर्की की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने इन देशों के नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा कि आने वाले दिनों में कई तकनीकी और राजनयिक बैठकें आयोजित की जाएंगी, जिनसे समझौते को पूरी तरह लागू करने का रास्ता तैयार होगा।

ट्रंप बोले- फिर शुरू होगा तेल का वैश्विक प्रवाह

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस समझौते का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह समझौता पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षा लाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा। ट्रंप के अनुसार 19 जून को समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद समुद्री मार्गों से बारूदी सुरंगों को हटाने का काम शुरू किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि इसके बाद होर्मुज जलडमरूमध्य दोनों दिशाओं से जहाजों के आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति फिर से सामान्य हो सकेगी। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी राहत मिलने की उम्मीद है।

तेहरान में अंतिम दौर की बातचीत

इस बीच कतर के मध्यस्थों ने रविवार को तेहरान पहुंचकर समझौते की शर्तों को अंतिम रूप दिया। सूत्रों के मुताबिक, दोनों देशों के बीच लंबे समय से जारी बातचीत अब निर्णायक चरण में पहुंच चुकी है।

गौरतलब है कि फरवरी में शुरू हुए संघर्ष के कारण तेल आपूर्ति, समुद्री व्यापार और वैश्विक बाजारों पर व्यापक असर पड़ा था। होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से कई देशों की ऊर्जा सुरक्षा प्रभावित हुई थी। अब शांति समझौते और जलमार्ग के दोबारा खुलने से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा बाजारों में स्थिरता लौटने की उम्मीद जताई जा रही है।

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