CWC बैठक में सोनिया गांधी बोलीं- अच्छा हुआ पहले चले गए नीतीश कुमार

सूत्रों के अनुसार, सोनिया गांधी ने कहा कि नीतीश कुमार पर भरोसा करना मुश्किल था और उनका INDIA गठबंधन से अलग होना पहले से उनकी राजनीतिक दिशा का हिस्सा था। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि नीतीश गठबंधन से बाहर निकलने के लिए रास्ते तलाश रहे थे।;

Update: 2026-09-30 07:48 GMT

नई दिल्ली: कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की मंगलवार को हुई बैठक में विपक्षी एकता और आगामी राजनीतिक रणनीति के साथ चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर भी तीखी चर्चा हुई। बैठक में वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने विपक्षी गठबंधन की मजबूती का मुद्दा उठाते हुए कहा कि नीतीश कुमार को INDIA गठबंधन से अलग नहीं होने देना चाहिए था। उनके मुताबिक, अगर नीतीश गठबंधन में बने रहते तो 2024 के राजनीतिक समीकरण अलग हो सकते थे। बैठक में मौजूद नेताओं के बीच नीतीश कुमार के गठबंधन से अलग होने और बाद में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के साथ जाने को लेकर भी चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस की संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने दिग्विजय सिंह की टिप्पणी पर हस्तक्षेप करते हुए नीतीश कुमार के भरोसेमंद होने पर सवाल उठाए।

सोनिया गांधी ने नीतीश को लेकर क्या कहा?

सूत्रों के अनुसार, सोनिया गांधी ने कहा कि नीतीश कुमार पर भरोसा करना मुश्किल था और उनका INDIA गठबंधन से अलग होना पहले से उनकी राजनीतिक दिशा का हिस्सा था। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि नीतीश गठबंधन से बाहर निकलने के लिए रास्ते तलाश रहे थे। ये तो ईश्वर की कृपा रही कि वह समय रहते चले गए क्योंकि उनको वहीं जाना था। शुक्र है कि वह सही समय पर चले गए। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी नीतीश कुमार के रुख को लेकर अपनी बात रखी। बताया जाता है कि खरगे ने कहा कि नीतीश ने उनसे व्यक्तिगत बातचीत में बिहार की राजनीति तक सीमित रहने और राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी गठबंधन को बाहर से समर्थन देने की बात कही थी। हालांकि, बाद में उनकी राजनीतिक दिशा अलग रही।

2024 के समीकरण पर हुई चर्चा

दिग्विजय सिंह की टिप्पणी का केंद्र विपक्षी एकता थी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विपक्षी दलों के बीच एकजुटता बनाए रखना जरूरी है। नीतीश कुमार के INDIA गठबंधन से अलग होकर NDA में जाने को इस संदर्भ में महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम के तौर पर चर्चा में रखा गया। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि विपक्षी दलों के बीच समन्वय को मजबूत करने के लिए भविष्य में किस तरह की रणनीति अपनाई जानी चाहिए।

चुनाव आयोग पर कांग्रेस का प्रस्ताव

CWC की बैठक का दूसरा प्रमुख मुद्दा चुनाव आयोग और मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR रहा। कांग्रेस ने बैठक में एक प्रस्ताव पारित कर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग भी प्रस्ताव में शामिल की। कांग्रेस ने चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर 'वोट चोरी' और 'मैच-फिक्सिंग' जैसे आरोप लगाए हैं। पार्टी ने SIR की प्रक्रिया तत्काल रोकने और अब तक मतदाता सूची से हटाए गए 13 करोड़ से अधिक नामों को फिर शामिल करने की मांग की है।

'ज्ञानेश कुमार छोटी मछली, बड़ी मछली का इस्तीफा मांगे'

सूत्रों के मुताबिक, बैठक में पहले मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग रखी गई थी। चर्चा के दौरान खरगे ने कथित तौर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का संदर्भ देते हुए कहा कि ज्ञानेश कुमार छोटी मछली हैं और बड़ी मछली के इस्तीफे की मांग की जानी चाहिए। इसके बाद प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग को भी प्रस्ताव में शामिल किया गया। कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और संचार महासचिव जयराम रमेश ने बैठक के बाद प्रस्ताव के प्रमुख बिंदुओं की जानकारी दी। पार्टी ने कहा कि चुनाव आयोग से जुड़ी हालिया रिपोर्टों ने राहुल गांधी की ओर से उठाई गई 'वोट चोरी' संबंधी चिंताओं को मजबूत किया है।

SIR पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

कांग्रेस कार्यसमिति ने SIR की प्रक्रिया को लेकर भी गंभीर आपत्तियां दर्ज कीं। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची के केंद्रीयकृत नियंत्रण से चुनाव आयोग की पारदर्शिता और संस्थागत कामकाज पर सवाल उठते हैं। कांग्रेस ने दावा किया कि करीब 13 करोड़ 30 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं और इन्हें फिर से शामिल किया जाना चाहिए। पार्टी ने इसे संविधान के अनुच्छेद 14 और 326 से जोड़ते हुए अपने आरोपों को राजनीतिक और संवैधानिक मुद्दा बताया है। ये कांग्रेस के दावे हैं; चुनाव आयोग की ओर से इन आरोपों पर अलग रुख व्यक्त किया गया है।

'नैतिक आधार पर मोदी दें इस्तीफा'

बैठक से पहले अपने संबोधन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए खरगे ने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता के मताधिकार की रक्षा के लिए राजनीतिक संघर्ष जारी रखेगी।

संसद से सड़क तक अभियान की तैयारी

CWC ने SIR और चुनावी प्रक्रिया के मुद्दे पर विपक्षी दलों के साथ मिलकर देशभर में राजनीतिक अभियान चलाने का फैसला किया है। पार्टी के मुताबिक, यह अभियान संसद से लेकर सड़क तक चलाया जाएगा। करीब ढाई घंटे चली बैठक की अध्यक्षता मल्लिकार्जुन खरगे ने की। इसमें सोनिया गांधी, राहुल गांधी, पार्टी के वरिष्ठ नेता और कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए। बैठक में विपक्षी एकता, चुनाव आयोग, मतदाता सूची और SIR को लेकर पार्टी की आगे की राजनीतिक रणनीति पर चर्चा हुई।

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