अमित शाह का बड़ा ऐलान, 31 दिसंबर 2029 के बाद पंजाब में नशा बेचने वाला कोई नहीं बचेगा

अमित शाह ने जालंधर में नशा मुक्त पंजाब यात्रा के समापन पर 31 दिसंबर 2029 तक पंजाब से नशे के कारोबार को खत्म करने का लक्ष्य बताया।;

Update: 2026-09-30 10:23 GMT

जालंधर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पंजाब में नशे के खिलाफ लड़ाई को लेकर बड़ा लक्ष्य तय किया है। जालंधर में ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ के समापन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि 31 दिसंबर 2029 के बाद पंजाब में नशा मुहैया कराने वाला एक भी व्यक्ति नहीं बचेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर नशे के पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए काम कर रहे हैं। यह अभियान 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक रूप से भी अहम मुद्दा बन गया है।

पंजाब की धरती और बलिदान को किया याद

अमित शाह ने अपने संबोधन की शुरुआत पंजाब और जालंधर के ऐतिहासिक महत्व का जिक्र करते हुए की। उन्होंने कहा कि पंजाब को देश मुख्य रूप से दो बड़ी वजहों से जानता है। पहली, देश की खाद्य सुरक्षा में पंजाब के किसानों का योगदान और दूसरी, देश की सीमाओं की रक्षा में पंजाब के जवानों और नागरिकों की भूमिका।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आज तक पंजाब ने देश के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ऐसे राज्य को नशे की समस्या से मुक्त करना बेहद जरूरी है।

‘चिट्टा’ के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संदेश

अमित शाह ने कहा कि पंजाब में ‘नशा मुक्त’ अभियान की जरूरत इसलिए पड़ी क्योंकि लंबे समय तक अवैध नशे का कारोबार गंभीर चुनौती बना रहा। उन्होंने विशेष रूप से ‘चिट्टा’ जैसे नशीले पदार्थों के कारोबार का जिक्र किया और कहा कि इससे युवाओं और परिवारों पर गंभीर असर पड़ा है।

गृह मंत्री ने कहा कि अब नशे के खिलाफ कार्रवाई केवल जब्ती तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे नेटवर्क को तोड़ने पर जोर दिया जाएगा। केंद्र की Vision Document 2026-2029 योजना में भी ड्रग नेटवर्क, वित्तीय जांच, खुफिया कार्रवाई और राज्यों के बीच समन्वय को प्रमुखता दी गई है।

चुनाव में नशा बनेगा बड़ा मुद्दा

अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि पंजाब में किसानों, उद्योग, कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा जैसे कई मुद्दे हैं, लेकिन बीजेपी आगामी चुनाव में नशा मुक्ति को प्रमुख मुद्दा बनाएगी। उन्होंने पंजाब की माताओं और युवाओं से नशे के खिलाफ अभियान में साथ देने की अपील की।

बीजेपी की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ 18 सितंबर से शुरू हुई थी और चार मार्गों के जरिए करीब 4,000 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए 117 विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंची। इसका समापन 30 सितंबर को जालंधर में अमित शाह की रैली के साथ हुआ।

Tags:    

Similar News