केंद्र सरकार ने लोगों से की अपील, खाना पकाने के लिए पीएनजी, इंडक्शन कुकर का इस्तेमाल बढ़ाएं
पेट्रोलियम मंत्रालय ने आम जनता से अपील की है कि वे पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) और इंडक्शन कुकर के उपयोग को बढ़ाएं। आम जनता जितना ज्यादा एलपीजी के विकल्प को अपनाएगी, सरकार पर इसके प्रबंधन का बोझ उतना ही कम होगा।
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी अस्थिरता और आने वाले दिनों में ईरान तथा अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव की आशंका को देखते हुए भारत सरकार की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। ऐसे में पेट्रोलियम मंत्रालय ने आम जनता से अपील की है कि वे पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) और इंडक्शन कुकर के उपयोग को बढ़ाएं। आम जनता जितना ज्यादा एलपीजी के विकल्प को अपनाएगी, सरकार पर इसके प्रबंधन का बोझ उतना ही कम होगा।
पश्चिम एशिया विवाद पर दैनिक प्रेस कांफ्रेंस में पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा- ' रसोई गैस आपूर्ति की स्थिति चिंताजनक है। हालांकि देश की किसी एलपीजी एजेंसी के पास इसकी कमी नहीं है। सरकारी तेल कंपनियां लगातार एलपीजी का उत्पादन बढ़ा रही हैं। रविवार को भी एजेसियों ने काम किया है। पांच किलो के छोटे एलपीजी सिलिंडरों की बिक्री लगातार बढ़ रही है। लेकिन हम आम जनता से पीएनजी और इंडक्शन कुकर का इस्तेमाल अपनाने का फिर से आग्रह करते हैं।' उन्होंने बताया कि वर्तमान में एलपीजी का घरेलू उत्पादन 45,000 टन प्रतिदिन है, जबकि खपत 80,000 से 100,000 टन प्रतिदिन है। स्थिति सामान्य होने के लिए 55,000 टन एलपीजी का आयात आवश्यक है।
तीन माह के भीतर पीएनजी लगवाने की अपील
हाल ही में पेट्रोलियम मंत्रालय ने पीएनजी के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए राज्यों के साथ मिलकर विशेष अभियान शुरू किया है। राज्यों को प्रोत्साहित किया जा रहा है कि वे पीएनजी के लिए आवश्यक ढांचागत सुविधाओं की मंजूरी में विलंब न करें। मार्च 2026 तक 4.36 लाख घरों में पीएनजी कनेक्शन लगाए गए हैं, जबकि 4.75 लाख घरों ने आवेदन किया है। सरकार का कहना है कि ऐसे 60 लाख घर और हैं जहां पीएनजी लगाई जा सकती है। इन घरों को चेतावनी दी गई है कि यदि तीन माह के भीतर उन्होंने पीएनजी नहीं लगाई तो उनके एलपीजी कनेक्शन काट दिए जाएंगे।
2030 तक 12.60 करोड़ घरों को पीएनजी कनेक्शन देने का लक्ष्य
पेट्रोलियम मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, जल्द ही एक और गहन अभियान की शुरुआत होगी। वर्तमान में देश के 33 करोड़ घरों में एलपीजी कनेक्शन हैं, जबकि केवल 1.70 करोड़ घरों में पीएनजी कनेक्शन है। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक 12.60 करोड़ घरों को पीएनजी कनेक्शन देना है। यदि होर्मुज स्ट्रेट में फंसे जहाजों को शीघ्र अनुमति मिल जाए, तभी एलपीजी आपूर्ति की स्थिति में सुधार हो सकता है।
होर्मुज से अब तक नौ जहाज बाहर निकले
युद्ध के समय वहां 24 भारतीय जहाज थे, जिनमें से नौ जहाज अब तक बाहर निकल चुके हैं। जग विक्रम नामक भारतीय जहाज 11 अप्रैल को होर्मुज से निकला है, जिसमें 20,400 टन एलपीजी है। इसके मंगलवार को कांडला बंदरगाह पर पहुंचने की संभावना है। उधर, स्थिति सामान्य होने के बावजूद फंसे जहाजों को निकलने में कई हफ्ते और लग सकते हैं क्योंकि बीमा कंपनियों, नेविगेशन रिस्क और ईरानी ताकतों की चेतावनियों के कारण जहाज मालिक सावधानी बरत रहे हैं।