भारत का आतंक पर बड़ा प्रहार, पाकिस्तान में छिपे 23 दुश्मनों को घोषित किया आतंकवादी

भारत सरकार ने UAPA के तहत पाकिस्तान और पीओके में सक्रिय जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े 23 आतंकवादियों को आधिकारिक रूप से आतंकवादी घोषित किया।;

Update: 2026-07-04 05:53 GMT
नई दिल्ली। भारत सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और तेज करते हुए पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में सक्रिय 23 आतंकियों को आधिकारिक तौर पर आतंकवादी घोषित कर दिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत गजट अधिसूचना जारी करते हुए इन सभी नामों को कानून की चौथी अनुसूची में शामिल किया है। इस सूची में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों से जुड़े कई प्रमुख कमांडर शामिल हैं।

जैश और लश्कर के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार

गृह मंत्रालय के अनुसार, सूची में शामिल अधिकांश आतंकवादी पाकिस्तान या पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में छिपे हुए हैं और लंबे समय से भारत विरोधी गतिविधियों में सक्रिय बताए जाते हैं। इन पर आतंकियों की भर्ती, प्रशिक्षण, हथियारों की आपूर्ति, घुसपैठ और आतंकी हमलों की साजिश रचने जैसे गंभीर आरोप हैं।

सरकार का मानना है कि UAPA के तहत आतंकवादी घोषित किए जाने के बाद इन व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और वित्तीय नेटवर्क पर शिकंजा कसने में आसानी होगी।

इन प्रमुख आतंकियों को किया गया सूचीबद्ध

गृह मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में मसूद इलियास कश्मीरी उर्फ मुफ्ती मसूद इलियास का नाम भी शामिल है। करीब 41 वर्षीय इलियास पर जैश-ए-मोहम्मद के लिए आतंकियों की भर्ती, हथियार और गोला-बारूद की व्यवस्था करने का आरोप है। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार वह फिलहाल पाकिस्तान के रावलकोट क्षेत्र में सक्रिय है।

इसके अलावा मोहम्मद मुसादिक उर्फ डॉक्टर उर्फ अब्दुल मनन को भी सूची में शामिल किया गया है। जांच एजेंसियों के अनुसार वह जैश-ए-मोहम्मद का प्रमुख संचालक माना जाता है और वर्ष 2022 में जम्मू क्षेत्र में सुरक्षा बलों पर हुए हमले के मामलों में उसका नाम सामने आया था।

मुफ्ती मोहम्मद असगर खान उर्फ अबू साद और हाफिज अब्दुल शकूर उर्फ कारी जर्रार को भी आतंकवादी घोषित किया गया है। इन दोनों पर वर्ष 2016 में नगरोटा स्थित भारतीय सेना के शिविर पर हुए आतंकी हमले से जुड़े मामलों में भूमिका होने के आरोप हैं।

आतंक के खिलाफ जारी रहेगी कार्रवाई

सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि आतंकवाद के ढांचे को कमजोर करने के लिए सरकार लगातार कानूनी और कूटनीतिक स्तर पर कदम उठा रही है। अधिकारियों के अनुसार, सूचीबद्ध आतंकियों की गतिविधियों, सहयोगियों और वित्तीय नेटवर्क पर भी नजर रखी जा रही है। आने वाले समय में अन्य संदिग्ध आतंकियों के खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई की जा सकती है।

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