ओपी राजभर का अखिलेश पर निशाना, बोले- बहुजनों के सम्मान की लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगे

उत्तर प्रदेश की सियासत में 'पीडीए' और पिछड़ा-दलित राजनीति को लेकर जुबानी जंग तेज हो गई है। कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए उनकी पार्टी को वाईपी यानी यादववादी पार्टी' करार दिया।;

Update: 2026-07-04 04:37 GMT

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की सियासत में 'पीडीए' और पिछड़ा-दलित राजनीति को लेकर जुबानी जंग तेज हो गई है। कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए उनकी पार्टी को वाईपी यानी यादववादी पार्टी' करार दिया।

ओपी राजभर ने आरोप लगाया कि सपा शासन और संगठन में बहुजन एवं अति पिछड़ी जातियों के साथ वर्षों से भेदभाव और उत्पीड़न होता रहा है। उन्होंने कहा कि दलितों और पिछड़ों के सम्मान की लड़ाई में उन्हें चाहे जितनी गालियां सहनी पड़ें, वह पीछे नहीं हटेंगे।

साथ ही, उन्होंने शिवपाल सिंह यादव पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में गाली-गलौच की भाषा उचित नहीं है। सुभासपा के मुखिया ओम प्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर लिखा कि अखिलेश यादव, आपके चचा 'शिशुपाल' सॉरी शिवपाल यादव, आपके ही शब्द बोल रहे हैं। ये इसलिए कह रहा हूं क्योंकि शिवपाल को अंदाजा भी नहीं है कि कब आपने उन्हें 'यादवनीति' की गलत घुट्टी पिला दी। बेचारे हैं वो, वयोवृद्ध हो चुके हैं न!

उन्होंने आगे कहा कि खैर, आपकी 'वाईपी' यानी 'यादववादी पार्टी' के कार्यकर्ता हम बहुजन, मतलब पाल, प्रजापति, बिंद, केवट, मल्लाह, राजभर, निषाद, मांझी, दर्जी, तेली, लोनिया, फकीर और बंजारा के 'मुंह में पीढ़ियों से डॉट, डॉट, डॉट' ही तो करते आए हैं।

राजभर ने कहा कि गांवों में आज भी हम लोगों की मां, बहन, बेटी, बहू और भाई के साथ पीडीए’ यानी ‘पीट देगा अहीर' और हमारे मुंह में आपके स्वजातीय द्वारा आपके ‘चचा का डॉट, डॉट, डॉट' ही तो होता आ रहा है। उन्होंने आगे कहा कि अखिलेश जितना मन हो हम बहुजनों को गाली दिलवा लीजिए, हमको पिटवा लीजिए…पर हम हार नहीं मानेंगे। आज भी अवध और पूर्वांचल में आपके स्वजातीय हमें यही तो बोलते हैं कि ये तो भर है, गड़ेरिया है, कोइरी है, लोनिया है…मार सारेन का। हम गाली और लाठी खा लेंगे, लेकिन अपना हिसाब जरूर करेंगे।

मंत्री ने आगे कहा कि एक बात लिखकर रख लीजिए अखिलेश! चाहे मेरठ में दलित पिछड़ों के अपमान की बात हो या पूर्व मंत्री प्रभु दयाल वाल्मीकि और अति पिछड़ी जाति से आने वाले आपके पार्टी के जिलाध्यक्ष के हक की बात हो, दलित पिछड़ों के लिए हमेशा आवाज उठाऊंगा, इसके लिए ओम प्रकाश राजभर को अगर गालियां मिलती हैं तो राजभर गाली खाएगा, लेकिन आवाज उठाना बंद नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि अखिलेश हो सके तो अपने चचा को भजन सिखा दीजिए। उम्र हो गई है, गाली-गलौच ठीक बात नहीं है।

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