अली खामेनेई के जनाजे में उमड़ा जनसैलाब, तेहरान की सड़कों पर लाखों लोगों की भीड़; दुनिया भर के नेता पहुंचे ईरान

ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के जनाजे में तेहरान की सड़कों पर लाखों लोगों की भीड़ उमड़ी। छह दिन के शोक समारोह में भारत समेत कई देशों के प्रतिनिधिमंडल शामिल हुए।;

Update: 2026-07-04 07:09 GMT
तेहरान। ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की रस्में शनिवार से पूरे राजकीय सम्मान के साथ शुरू हो गईं। राजधानी तेहरान की सड़कों पर सुबह से ही लाखों लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में लोग अपने दिवंगत नेता को अंतिम श्रद्धांजलि देने पहुंचे। ईरानी प्रशासन का दावा है कि केवल तेहरान में ही अगले तीन दिनों के दौरान 1.5 से 2 करोड़ लोगों के अंतिम दर्शन के लिए पहुंचने की संभावना है।

सरकार ने खामेनेई के सम्मान में छह दिनों के राष्ट्रीय शोक कार्यक्रम की घोषणा की है। इस दौरान तेहरान, कोम और मशहद सहित कई प्रमुख शहरों में धार्मिक और राजकीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

राष्ट्रीय ध्वज में लिपटा ताबूत, भावुक दिखे श्रद्धांजलि देने पहुंचे लोग

शनिवार सुबह अयातुल्ला अली खामेनेई का ताबूत मुख्य समारोह स्थल पर लाया गया। ताबूत को ईरान के राष्ट्रीय ध्वज में लपेटा गया था और उसके ऊपर उनकी पारंपरिक काली पगड़ी रखी गई थी। पूरे परिसर में शोक का माहौल दिखाई दिया और हजारों लोग नम आंखों से अपने नेता को अंतिम विदाई देते नजर आए।

रिपोर्टों के अनुसार, हमले में जान गंवाने वाले उनके परिवार के अन्य सदस्यों के ताबूत भी समारोह में मौजूद थे। इनमें उनकी 14 महीने की पोती का ताबूत भी शामिल था, जिसने उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया।

सुरक्षा कारणों से शामिल नहीं होंगे मोजतबा खामेनेई

ईरान की ओर से पहले ही स्पष्ट किया गया था कि वर्तमान सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई सुरक्षा कारणों से सार्वजनिक रूप से जनाजे में शामिल नहीं होंगे। उनके प्रतिनिधियों का कहना है कि क्षेत्रीय सुरक्षा हालात और संभावित खतरों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

अधिकारियों के मुताबिक अंतिम संस्कार की मुख्य रस्में तेहरान के बाद पवित्र शहर कोम में आयोजित होंगी, जबकि 9 जुलाई को खामेनेई को उनके पैतृक शहर मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।

ट्रंप का बयान और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों की मौजूदगी

अमेरिका के स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान की स्थिति पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान पर निर्णायक बढ़त हासिल की है और अब ईरान बातचीत का इच्छुक है। उन्होंने यह भी कहा कि अंतिम संस्कार के दौरान किसी नई सैन्य कार्रवाई से परहेज किया गया।

इस बीच, दुनिया के कई देशों के प्रतिनिधिमंडल तेहरान पहुंच चुके हैं। भारत की ओर से केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री पबित्र मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन अंतिम संस्कार समारोह में शामिल होने के लिए ईरान पहुंचे हैं। कई अन्य एशियाई, मध्य-पूर्वी और अफ्रीकी देशों के वरिष्ठ नेता भी श्रद्धांजलि कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं।

ईरान के सरकारी मीडिया का दावा है कि यह हाल के वर्षों में देश में आयोजित सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय शोक समारोह बन गया है। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे तेहरान में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं और लाखों लोगों की मौजूदगी को देखते हुए विशेष यातायात एवं सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।

मशहद में 9 जुलाई को सुपुर्द-ए-खाक

तयशुदा प्रोग्राम के मुताबिक, शनिवार और रविवार को अयातुल्ला खामेनेई का पार्थिव शरीर तेहरान के ग्रैंड मुसल्ला में अंतिम दर्शन के लिए रखा रहेगा। सोमवार को तेहरान की सड़कों पर जनाजे का जुलूस निकाला जाएगा। इसके बाद की रस्में पाक शहर कौम में होंगी। फिर जनाजे को कर्बला और नजफ ले जाया जाएगा, जहां लोग अपने अली खामेनेई अलविदा कह सकेंगे। आखिर में, 9 जुलाई को मशहद शहर में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक (दफन) किया जाएगा।

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